चंडीगढ़। निकाय चुनाव के मद्देनजर पंजाब के कई जिलों में भाजपा प्रत्याशियों के नामांकन पत्र रद्द कर दिए गए हैं जिसके चलते भाजपाई नाराज हैं। पंजाब भाजपा के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने दावा किया है कि नामांकन पत्रों की जांच के दौरान बटाला में 21, मोगा में 10, बरनाला में 11 व धुरी में 3 उम्मीदवारों के परचे रद्द कर दिए गए हैं।
उन्होंने इसे धक्केशाही करार देते हुए हाईकोर्ट में जाने की बात कही है। प्रेसवार्ता के दौरान जाखड़ ने आरोप लगाते हुए कहा कि स्थानीय निकाय चुनाव में भाजपा उम्मीदवारों के नामांकन पत्र बड़ी संख्या में रद्द होना लोकतंत्र की हत्या की है जबकि भाजपा सबसे बड़ा राजनीतिक दल है।
उनके अनुसार इसे अदालत में चुनौती दी जाएगी और किसी को चुनाव लूटने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि बिना किसी ठोस आधार के उम्मीदवारों के नामांकन पत्र रद्द किए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि निष्पक्ष चुनाव कराने के बजाय सरकारी अधिकारी सत्ताधारी दल के एजेंट की तरह काम कर रहे हैं। भाजपा ऐसे अधिकारियों का विवरण एकत्र कर रही है और सरकार के इस दुरुपयोग का डटकर विरोध करेगी।
अंडरग्राउंड तारों के टेंडर की जांच की मांग
जाखड़ ने कहा कि जिन बिजली तारों को अंडरग्राउंड करने की परियोजना का उद्घाटन किया गया है उसके टेंडर की भी जांच होनी चाहिए क्योंकि यह परियोजना उस पूर्व बिजली मंत्री संजीव अरोड़ा के कार्यकाल में मंजूर हुई थी जो फिलहाल भ्रष्टाचार के आरोपों में जेल में हैं। सरकार के भ्रष्टाचार से जुड़े कई मामले जल्द सामने आएंगे और चंडीगढ़ के आसपास के सभी सीएलयू मामले जांच एजेंसियों के रडार पर हैं।