नाडा साहिब गुरुद्वारे के पास अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते हरियाणा किसान यूनियन के मेंबर्स।
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पंचकूला। विभिन्न मांगों को लेकर हरियाणा विधानसभा की तरफ बढ़ रहे भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं को जिला पुलिस ने नाडा साहिब के समीप ही रोक लिया। पुलिस के ऐसा करने पर किसान भड़क गए और बैरिकेड लांघने का प्रयास करने लगे। इस दौरान किसानों की पुलिसकर्मियों से धक्का मुक्की भी हुई। स्थिति नियंत्रण से बाहर होती, इससे पहले ही जिला पुलिस ने किसानों को खदेड़ने के लिए वाटर कैनन की मदद से उन पर पानी की बौछारें कर डाली। पानी की बौछारें पड़ने पर कार्यकर्ता बिखर गए। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष गुरनाम सिंह ने कहा कि बिहार के चारा घोटाला से भी बड़ा हरियाणा का धान घोटाला है। कहा कि हरियाणा में अन्य राज्यों से धान की फसल मंगवाकर दिखाई गई है। आरोप लगाए कि हरियाणा में 25 लाख टन धान की खरीद की गई लेकिन ब्रिकी 69 टन धान दिखाई गई। कहा कि धान को बिहार और उत्तर प्रदेश से मंगवाकर बेचा गया।
कहा कि यूनियन प्रदेश सरकार से जांच की मांग उठा रही है लेकिन सरकार इससे पीछे हट रही है। बताया कि यूनियन ने आरटीआई के माध्यम से पता लगाया कि सरकार ने प्रदेश में 75 क्विंटल प्रति एकड़ से भी अधिक पैदावार होने का दावा किया है। जबकि प्रदेश में लंबे समय से प्रति एकड़ 20 से 25 क्विंटल की औसत धान पैदा हो रही है। मांग उठाई गई कि यदि सरकार धान घोटाले की निष्पक्ष जांच करवाए तो उच्च स्तर के अधिकारी, मंत्री, विधायक व अन्य लोग गिरफ्त में फंस सकते हैं। किसानों ने इस दौरान ज्ञापन की कापियां जलाकर रोष व्यक्त किया। किसानों ने कहा कि आयात डील के संबंध में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से छूट की जो बात की जा रही है, वह न की जाए। यूनियन की ओर से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ केंद्र सरकार द्वारा किए जाने वाले कृषि समझौतों का विरोध किया गया। भारतीय किसान यूनियन हरियाणा के प्रदेश सेक्रेट्री हरपाल सिंह ने कहा कि वे सरकार का घेराव करने जा रहे थे लेकिन पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। चेताया गया कि भारतीय किसान यूनियन अब जिला स्तर पर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेगी।
किसानों को बसों में भरकर ले गई पुलिस
किसानों ने पुलिस के बैरिकेड लांघने का प्रयास किया तो उन पर पानी की बौछारें करने के बाद पुलिसकर्मी उन्हें बसोंमें भरकर पुलिस थाने ले गए। सभी किसानों को सेक्टर 14, सेक्टर-20 और थाना चंडी मंदिर ले जाया गया। किसानों ने पुलिस थाने के बाहर भी नारेबाजी की। पुलिस ने उन्हें काफी देर तक राउंड अप कर बिठाए रखा और फिर उनके शांति भंग नहीं करने के भरोसे पर उन्हें छोड़ा गया।