फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पुलिस ने ग्लैमराइज किया लारेंस बिश्नोई का रिमांड, शून्यकाल में कुंवर विजय प्रताप ने उठाया मुद्दा

विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़। पंजाब के पूर्व पुलिस अधिकारी और आम आदमी पार्टी के विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह ने आरोप लगाया है कि अमृतसर की अदालत में जब गैंगस्टर लारेंस बिश्नोई का रिमांड हासिल करने के लिए ले जाया गया तो अमृतसर पुलिस ने इस पूरी कार्यवाही को ग्लैमराइज किया। पंजाब विधानसभा के बजट सत्र के पांचवें दिन बुधवार को शून्यकाल के दौरान यह मामला उठाते हुए कुंवर विजय प्रताप ने कहा कि लारेंस बिश्नोई को लाने-ले-जाने वाले पुलिस मुलाजिमों को वीवीआईपी ड्यूटी पर बताया गया। यही नहीं, मुलाजिमों की वर्दी पर वीवीआईपी ड्यूटी के टैग लगाए गए। उन्होंने कहा कि इस तरह एक गैंगस्टर को वीवीआईपी का दर्जा दिया गया। कुंवर विजय प्रताप ने सदन में सवाल उठाया कि क्या ऐसे खत्म हो सकेगा गैंगस्टर कल्चर? उन्होंने पंजाब पुलिस की गैंगस्टरों के प्रति इस पुरानी प्रथा पर रोक लगाने की मांग करने के साथ ही अमृतसर पुलिस को हिदायतें जारी करने की मांग भी की।
विज्ञापन

गुजरात की कंपनी को प्लांट लगाने की अनुमति का विरोध
कांग्रेस विधायक सुखजिंदर सिंह रंधावा ने शून्यकाल के दौरान राज्य सरकार को निशाने पर लेते हुए अमूल के अधिकारियों के साथ प्रदेश मंत्री की बैठक पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मंत्री की ओर से पहले कहा गया कि गुजरात की बड़ी दूध कंपनी के अधिकारियों के साथ उनकी औपचारिक बैठक थी, लेकिन अब सामने आ रहा है कि राज्य सरकार ने गुजरात की कंपनी को पंजाब में दुग्ध प्लांट लगाने की अनुमति दी है। रंधावा ने कहा कि इससे सीधे तौर पर पंजाब के ब्रांड वेरका को नुकसान पहुंचेगा। उन्होंने किसी दूसरी कंपनी को पंजाब में दुग्ध प्लांट लगाने की अनुमति देने का विरोध किया। हालांकि इसी दौरान विधायक शैरी कलसी ने सवाल उठाया कि आखिर इस कंपनी को पंजाब में कौन लाया है?
अफसरों की जिम्मेदारी तय की जाए
कांग्रेस विधायक परगट सिंह ने कहा कि सरकार राजनीतिक लोगों पर कार्रवाई कर रही है। लेकिन जब कोई फाइल किसी मंत्री के पास आती है तो उसे विभाग के अफसर लेकर आते हैं, इसलिए अफसरों की जिम्मेदारी भी फिक्स की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सिर्फ राजनैतिक लोगों पर ही कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए।
विज्ञापन

बोलने का समय न मिलने पर वेल में पहुंचे खैरा
शून्यकाल के दौरान जब स्पीकर द्वारा सदस्यों को अपनी बात रखने का मौका दिया जा रहा था, तो कांग्रेस के सुखपाल सिंह खैरा बार-बार हाथ उठाकर स्पीकर से समय की मांग करते दिखाई दिए। इसी दौरान स्पीकर ने खैरा के साथ बैठे कांग्रेसी विधायक परगट सिंह का नाम पुकार लेकिन खैरा को बोलने का अवसर नहीं दिया। इस पर नाराज खैरा वेल में पहुंच गए और उन्होंने स्पीकर से शिकायत की कि उन्हें दो दिन से सदन में बोलने का मौका नहीं दिया जा रहा। खैरा का साथ देने के लिए कांग्रेस के अन्य सदस्य भी वेल में पहुंचे। तब स्पीकर ने खैरा को भरोसा दिलाया कि उन्हें बोलने का अवसर जरूर दिया जाएगा। इस पर खैरा व अन्य कांग्रेस विधायक अपनी-अपनी सीटों पर चले गए। इसके बाद सत्ता पक्ष के दो विधायकों को बोलने का मौका देने के बाद स्पीकर ने सुखपाल खैरा का नाम पुकारा। तब खैरा ने अपनी बात रखते हुए निजी कंपनियों से अकाली-भाजपा सरकार द्वारा किए गए बिजली समझौतों का मुद्दा उठाया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय विपक्ष में बैठे आप विधायक अमन अरोड़ा ने पावर परचेज एग्रीमेंट रद्द करने का प्रस्ताव पेश किया था। उन्होंने कहा कि वह मानते हैं कि कांग्रेस सरकार इन समझौतों को रद्द नहीं कर सकी लेकिन अब आप सरकार को इन समझौतों को रद करना चाहिए। उन्होंने सदन में बैठे मुख्यमंत्री से सवाल किया कि क्या उनकी सरकार इन समझौतों को रद्द करेगी?
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें