पंचकूला। हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) प्रशांत कुमार अग्रवाल ने पुलिस स्मृति दिवस पर सेवारत और सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारियों का नेतृत्व कर कर्तव्य परायणता के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि दी है। इस मौके पर पंचकूला पुलिस आयुक्त सौरभ सिंह ने शहीदों के नामों का उच्चारण किया। पुलिस स्मृति दिवस परेड की कमांड एसीपी विजय कुमार नेहरा ने संभाली। मंच का संचालन एचपीएस राजकुमार कौशिक ने किया। हरियाणा डीजीपी पीके अग्रवाल ने पंचकूला स्थित पुलिस शहीद स्मारक पर 378 अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
उन्होंने बताया कि देश की कानून-व्यवस्था, एकता और अखंडता बनाए रखने के लिए हमारे शूरवीरों द्वारा दिए सर्वोच्च बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि इस वर्ष हरियाणा पुलिस के सिपाही संदीप कुमार ने भी ड्यूटी के दौरान कर्तव्य परायणता एवं अदम्य साहस का परिचय देकर शहादत प्राप्त की। देश इन वीरों का सदैव ऋणी रहेगा। उन्होंने कहा कि इन बहादुर व जांबाज जवानों का सर्वोच्च बलिदान गर्व से खाकी पहनने वालों के लिए प्रेरणा व गौरव प्रदान करेगा।
डीजीपी हरियाणा व अन्य उच्च अधिकारियों ने पुलिस शहीद स्मारक पर अमर शहीदों को पुष्पचक्र अर्पित किए। इसमें उनके साथ प्रमुख रहे एडीजीपी क्राइम ओपी सिंह, एडीजीपी सीआईडी आलोक मित्तल, एडीजीपी एडमिन एंड आईटी एएस चावला, एडीजीपी (लॉ एंड ऑर्डर), नवदीप सिंह विर्क, डीजीपी (सेवानिवृत्त) के. सेल्वाराज, आईजीपी आधुनिकीकरण अमिताभ सिंह ढिल्लों, आईजीपी सीएम फ्लाइंग स्क्वायड राजिंदर सिंह, डीआईजी ओपी नरवाल, पंचकूला डीसीपी मोहित हांडा, विजिलेंस एसपी मनबीर सिंह, सुरेंद्र पाल सिह (आईपीएस), अन्य पुलिस अधिकारियों और जवानों ने भी पुष्पांजलि अर्पित कर शहीदों को नमन किया।
राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना कर डीजीपी ने कहा कि ड्यूटी के दौरान वीरगति को प्राप्त होने वाले पुलिसकर्मियों के परिजनों को 30 लाख रुपये की विशेष अनुग्रह अनुदान राशि प्रदान की जाती है। इसके अतिरिक्त, दुर्घटना मृत्यु बीमा कवर के विशेष समझौते के तहत मृतक कर्मियों के परिजनों को 65 लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी दी जा रही है । 1959 में चीनी सैनिकों से लड़ते लद्दाख के हॉट स्प्रिंग में शहीद 10 पुलिस कर्मचारियों की याद में हर साल 21 अक्तूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है।