फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पंजाब: कैप्टन अमरिंदर सिंह बोले- केंद्रीय मंत्री मुंह खोलने से पहले तथ्य जांच लिया करें

Sun, 19 Apr 2020 12:21 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
कैप्टन अमरिंदर सिंह और हरसिमरत कौर बादल। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल का बयान, जिसमें उन्होंने कहा था कि कोविड-19 से निपटने के लिए केंद्र ने राज्य को राहत दी है को सिरे से खारिज करते हुए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने केंद्रीय मंत्री को झूठ बोलने के लिए फटकार लगाई।

विज्ञापन


हरसिमरत बादल के ट्वीट, जिसमें दावा किया गया था कि पंजाब को कोविड -19 संकट से लड़ने के लिए केंद्र से फंड और अनुदान मिले हैं, के जवाब में कैप्टन ने कहा, ‘‘आपकी सूचना बिल्कुल गलत है।’’ मुख्यमंत्री ने हरसिमरत बादल की टिप्पणियों को उनकी झूठ बोलने की आदत और अपने ही राज्य के बारे में जानकारी न होना, करार देते हुए कहा, ‘‘राज्य को केंद्र सरकार से कोविड -19 के खिलाफ निपटने के लिए कोई पैसा नहीं मिला।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि वह अपना मुंह खोलने से पहले तथ्यों को जांच कर लिया करें। उन्होंने कहा कि अपने केंद्रीय मंत्री के पद को अपने राज्य की मदद के लिए बरतने की बजाय हरसिमरत शर्मनाक तरीके से ओछी राजनीति के लिए झूठ बोल रही हैं। कैप्टन ने अकाली नेताओं से कहा, ‘‘आपको ऐसे बड़े संकट वाले मुद्दे पर झूठ बोलने के लिए शर्मिंदा होना चाहिए।’’

विज्ञापन

कैप्टन अमरिंदर सिंह (फाइल फोटो) - फोटो : एएनआई
उन्होंने कहा कि इस समय पर जब पंजाब समेत देश भर में सभी पार्टियां अपने पार्टी हितों से ऊपर उठकर इस संकट से लड़ने के लिए हाथ मिला रही हैं, वहीं हरसिमरत अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए यह सब कुछ कर रही हैं।
 
मुख्यमंत्री ने इस संकट के समय हरसिमरत पर राज्य सरकार को सहयोग देने की बजाय सरकार की कोशिशों को कमजोर करने के लिए आड़े हाथों लेते हुए कहा, ‘‘आप वहां बैठे क्या कर रहे हो, अगर आप पंजाब और पंजाब के लोगों के लिए नहीं लड़ सकते?’’ हरसिमरत बादल के झूठ के राज खोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जो उनकी तरफ से 2366 करोड़ रुपये का जिक्र किया गया है वह जीएसटी के हिस्से के तौर पर राज्य का बकाया पैसा था।
 
यहां तक कि अभी भी राज्य का 4400 करोड़ रुपये केंद्र सरकार के पास बकाया पड़ा है। उन्होंने कहा, ‘‘आप कोविड की जंग के लिए अपेक्षित राहत पैकेज लेना तो दूर बल्कि हमें हमारे बकाए भी नहीं दिला सके।’’ मुख्यमंत्री ने कहा कि हरसिमरत बादल द्वारा अपने ट्वीट में जो बाकी राशि का जिक्र किया गया है वह भी राज्य के आम बकाये हैं, जिनका कोविड -19 की जंग से कोई लेना-देना नहीं है। 
विज्ञापन

कैप्टन ने खोली केंद्र सरकार की पोल

मुख्यमंत्री ने बताया कि हरसिमरत द्वारा 10,000 टन दालें देने के दावों के उलट राज्य को अब तक सिर्फ 42 टन दाल प्राप्त हुई हैं, जिसे राज्य की जरूरत के मुताबिक मजाक ही कहा जा सकता है। उन्होंने याद दिलाते हुए कहा कि हरसिमरत ने खुद सुझाव दिया था कि केंद्र सरकार को सभी राज्यों में गरीबों के लिए छह महीनों के राशन का बंदोबस्त करना चाहिए।
 
कैप्टन ने कहा कि ‘‘केंद्र अनाज को सड़ते रहने को प्राथमिकता देता है और मुल्क के गरीबों और जरूरतमंद लोगों का पेट भरने के लिए अनाज बरतने की बजाय अनाज सड़ने से होने वाले घाटे की भरपाई का बोझ भी राज्य सरकार के ऊपर डाल दिया जाता है।’’
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड -19 के लिए राहत पैकेज तो एक तरफ रहा, केंद्र सरकार ने तो मुलाजिमों के लिए बीमा और किसानों के लिए बकाए बोनस का निपटारा तक नहीं किया।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें