उन्होंने कहा कि सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में पढऩे वाले छात्रों की पढ़ाई बाधित न हो, इसलिए 15 अप्रैल से 52 लाख विद्यार्थियों की नई कक्षाएं डिस्टेंस एजुकेशन कार्यक्रम के तहत केबल और डीटीएच चैनलों के माध्यम से शुरू कर दी गई हैं।
प्रतियोगी परीक्षाओं तैयारी के लिए अच्छा अवसर
उन्होंने कहा कि 12वीं के विद्यार्थियों की परीक्षाओं को लेकर सीबीएसई द्वारा परिणाम की तिथि अभी तक घोषित नहीं हुई है। अन्य प्रतियोगी परीक्षाएं जैसे एनडीए, जेईई, नीट जो कि अप्रैल और मई में होनी थी, अब ऐसे परिक्षाओं के लिए तैयारी कर रहे छात्रों के लिए सुनहरा अवसर है, क्योंकि उन्हें तैयारी का अधिक समय मिल गया है।
उन्होंने कहा कि 10वीं कक्षा के बाद लगभग 60 से 70 हजार विद्यार्थी प्रदेश के 172 सरकारी और 246 प्राइवेट आईटीआई में जुलाई माह में दाखिला लेते हैं। 24 मार्च को प्रदेश के सभी आईटीआई को बंद करने के बाद सैद्धांतिक थ्योरी विषयों की पढ़ाई तो फोन और ई-लर्निंग से करवाई जा रही है परंतु प्रैक्टिकल विषयों की पढ़ाई लॉकडाउन की समाप्ति के बाद शुरू की जाएगी।
सीएम ने कहा कि आईटीआई में कुल 81 ट्रेड में 30 से 35 ऐसे हैं, जिनमें 10वीं में गणित और विज्ञान की परीक्षा उत्तीर्ण होने की शर्त होती है। चूंकि 10वीं कक्षा की विज्ञान की परीक्षा अभी नहीं हुई है, इसलिए हम विचार कर रहे हैं कि यदि 10वीं की विज्ञान की परीक्षा लेने में ज्यादा समय लग जाए तो ऐसे ट्रेड में बिना विज्ञान की परीक्षा के ही अस्थाई रूप से दाखिला दे दिया जाए।
इस बारे में शीघ्र ही अंतिम निर्णय ले लिया जाएगा। इसी प्रकार, ऐसा विचार उनके बारे में भी कर रहे हैं जो 10वीं कक्षा के बाद पॉलीटेक्निक में ऐसे ट्रेड में डिप्लोमा के लिए दाखिला लेना चाहते हैं जिनमें गणित और विज्ञान दोनों विषय उत्तीर्ण होने की शर्त होती है।
शिक्षकों, छात्रों और प्रोफेसरों का हौसला बढ़ाया
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान कुछ शिक्षकों, प्रोफेसर और एक छात्र के साथ टेलीफोन पर बातचीत की। बातचीत के दौरान शिक्षकों ने बताया कि छात्रों के लिए स्मार्टफोन और तकनीकों जैसे व्हाट्सएप ग्रुप, पीडीएफ और यूट्यूब लिंक के माध्यम से लाइव क्लासेस, ऑनलाइन वर्कशीट, दैनिक टिप्स दिए जा रहे हैं और जिन छात्रों के पास स्मार्टफोन नहीं है, उनसे टेलीफोन द्वारा सहायता दी जा रही है।
नूंह से कॉलेज प्रोफेसर नम्रता ने बताया कि जब से कॉलेजों को कोरोना के कारण एहतियात के तौर पर बंद किया गया था, तब से सभी शिक्षकों ने डिजिटल रूप से कक्षाएं लेना शुरू कर दिया है। सफीदों से एक जेबीटी शिक्षक रमेश कुमार ने बताया कि अपने स्कूल के शिक्षकों के समर्पित प्रयासों और सहयोग से वे अपने क्षेत्रों में रहने वाले लगभग 265 छात्रों को मिड डे मील के रूप में सूखा राशन वितरित करने में सक्षम हो पाए।
जेबीटी शिक्षक सुनील दत्त ने बताया कि पुस्तकों की कमी को पूरा करने के लिए, शिक्षकों द्वारा बड़ी कक्षाओं में पढऩे वाले विद्यार्थियों से उनकी पुरानी पुस्तकें छोटी कक्षा में पढऩे वाले छात्रों के साथ आदान-प्रदान करने का प्रयास किया जा रहा है।
सरकारी नेशनल कॉलेज, सिरसा के जीव विज्ञान के प्रोफेसर विवेक गोयल ने बताया कि लॉकडाउन के दूसरे चरण की घोषणा के बाद ई-लर्निंग टूल का उपयोग करते हुए 15 से अधिक बार छात्रों के साथ बातचीत की है। उन्होंने बताया कि यू-टयूब लिंक, व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से छात्रों के प्रश्नों को हल करने की कोशिश की है। यमुनानगर के एक छात्र साहिल कंबोज ने बताया कि वह और उसके परिवार के सदस्य लॉकडाउन मानदंडों का पूर्ण रूप से पालन कर रहे हैं।