कोविड-19 की रोकथाम के लिए गुरु गोबिंद सिंह चिकित्सा कॉलेज और अस्पताल फरीदकोट द्वारा इलाज के नए तरीकों के तहत राज्य की पहली प्लाज्मा थेरेपी की गई है। पंजाब के चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री ओपी सोनी ने कहा कि फरीदकोट में डॉक्टरों की टीम ने कोविड के कारण गंभीर रूप से बीमार मरीज को यह थेरेपी दी है।
यह अस्पताल आईसीएमआर (इंडियन काउंसिल आफ मेडिकल रिसर्च) के तहत नेशनल क्लीनिकल ट्रायल के हिस्से के तौर पर इस थेरेपी की शुरुआत करने वाला देश का अग्रणी संस्थान बन गया है। सोनी ने बताया कि पंजाब में कोविड-19 के मरीज को दी गई यह पहली थेरेपी है।
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इस उद्देश्य के लिए कुछ दिन पहले जीजीएस चिकित्सा कॉलेज फरीदकोट में कोविड से स्वस्थ हुए मरीज का प्लाज्मा लेकर स्टोर किया गया था। यह प्लाज्मा इस वायरस से गंभीर रूप से पीड़ित व्यक्ति को दिया गया। प्लाज्मा थेरेपी के बाद मरीज की स्थिति में तेजी से सुधार हो रहा है और वह निगरानी अधीन है।