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Panchkula News: 600 मीटर जमीन की एनओसी नहीं मिली, सेक्टर-30 को एनएच-5 से जोड़ने की योजना ठप

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पंचकूला। पंचकूला और बद्दी को जोड़ने वाला बहुप्रतीक्षित सड़क प्रोजेक्ट एक बार फिर प्रशासनिक अड़चन का शिकार हो गया है। परियोजना के लिए जरूरी 600 मीटर जमीन की एनओसी हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) को अब तक नहीं मिल पाई है। एचएसवीपी की ओर से यह जमीन एचएमटी से करीब सात माह पहले भी मांगी गई थी, लेकिन एचएमटी प्रबंधन ने एनओसी नहीं दिया है।
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जमीन की स्वीकृति को लेकर एचएसवीपी के इंजीनियरिंग विंग ने एचएमटी के महाप्रबंधक को मई और दिसंबर 2025 में दो बार पत्र लिखे, इसके बावजूद कोई सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ। नतीजतन, सेक्टर-30 को नेशनल हाईवे-5 से जोड़ने की योजना अधर में लटक गई है, जिसका सीधा खामियाजा क्षेत्र के हजारों नागरिकों को रोजमर्रा की आवाजाही में भुगतना पड़ रहा है।

19 करोड़ की योजना तैयार, लेकिन 600 मीटर पर अटकी तलवार
सरकार ने बद्दी और नालागढ़ की ओर यातायात सुगम बनाने के लिए करीब 19 करोड़ रुपये की लागत से नया बाईपास बनाने की योजना तैयार कर रखी है, लेकिन 600 मीटर जमीन की मंजूरी न मिलने से पूरा प्रोजेक्ट कागजों में कैद होकर रह गया है। सवाल यह है कि जब करोड़ों रुपये की योजना तैयार है, तो महज 600 मीटर जमीन पर फैसला क्यों नहीं हो पा रहा?
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जाम से मिलेगी निजात, पंचकूला से बद्दी की दूरी होगी कम
सूरजपुर से बसौला तक करीब पौने आठ किलोमीटर लंबा पिंजौर-सुखोमाजरी बाईपास पहले ही बनकर तैयार है। इसके बाद नालागढ़ रोड पर पिंजौर ब्लॉक के गांवों और पिंजौर-कालका अर्बन कॉम्प्लेक्स सेक्टर-30 को जोड़ते हुए बद्दी की ओर दूसरा नया बाईपास बनाया जाना है। करीब दो किलोमीटर लंबा यह मार्ग एचएमटी फैक्टरी गेट से गांव मानापुर देवी लाल, मानपुर नानक चंद और सेक्टर-30 होते हुए पिंजौर मॉडल टाउन के पास पिंजौर–नालागढ़ नेशनल हाईवे-5 से जुड़ेगा।
इस बाईपास के बनने से बद्दी और नालागढ़ की दूरी पंचकूला से करीब पांच किलोमीटर कम हो जाएगी और वहीं पंचकूला, शिमला से बद्दी जाने वाले वाहन चालकों को परवाणू, कालका और पिंजौर के जाम से स्थायी राहत मिलेगी। हैरानी की बात यह है कि पिंजौर–कालका अर्बन कॉम्प्लेक्स के तहत पिछले कई वर्षों से सेक्टर विकसित किए जा रहे हैं, लेकिन आज तक इन्हें सीधे चंडीगढ़–शिमला नेशनल हाईवे से जोड़ने वाली सड़क नहीं बन पाई।
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