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Panchkula News: तीन साल से जगह चिह्नित, सीसीयू यूनिट अभी भी फाइलों में

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पोस्टमार्टम हाउस के हटने का है इंतजार। संवाद 
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पंचकूला। शहर के सेक्टर-6 सिविल अस्पताल में 50 बेड का क्रिटिकल केयर यूनिट (सीसीयू) वार्ड के लिए तीन साल से जगह चिह्नित करने के बाद भी पोस्टमार्टम हाउस शिफ्ट नहीं हो पाया है। इस कारण अभी तक 17 करोड़ की लागत से बनने वाले क्रिटिकल केयर यूनिट का काम शुरू नहीं होने की वजह से यह फाइलों में ही दबकर रह गया है। इस कारण गंभीर घायल होने वाले मरीजों को पीजीआई रेफर करना पड़ता है।
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तीन साल पहले वर्ष 2022 में सेक्टर-6 सिविल अस्पताल में 50 बेड का क्रिटिकल केयर यूनिट (सीसीयू) के लिए जगह चिन्हित कर चुकी है। इसके बाद इसका काम अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। सेक्टर-6 सिविल अस्पताल में जगह चिन्हित किया गया है, वहां पर पोस्टमार्टम हाउस का क्षेत्र आ रहा है। इसे अभी तक शिफ्ट करने की कोई पुख्ता प्लानिंग नहीं हो सकी है। नए पोस्टमार्टम हाउस को बनाने की जगह अस्पताल परिसर में नहीं हैं। इस कारण इसका काम अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। अस्पताल के एरिया में अधिक जगह नहीं होने के कारण क्रिटिकल केयर यूनिट का काम अभी लटक गया है। इसके लिए 17 करोड़ रुपये पास कर दिए गए हैं। इस कारण क्रिटिकल मरीजों को अभी सुविधा के लिए लंबा इंतजार करना पड़ेगा। इसका काम नहीं होने के कारण लोगों को जीएमसीएच-32 और पीजीआई ही रेफर करना पड़ रहा है।
सारी सुविधाओं से महरूम रहेंगे मरीज
सेक्टर -6 सिविल अस्पताल में अभी क्रिटिकल केयर यूनिट नहीं बनने के कारण गंभीर घायल मरीजों को सुविधाओं महरूम होना पड़ेगा। क्रिटिकल केयर यूनिट में मिलने वाली सीटी स्कैन मशीन, एमआरआई मशीन, एक्स-रे मशीन, लैब सहित अन्य सुविधाएं अलग से नहीं मिल पाएंगी। क्रिटिकल केयर यूनिट में 2 ऑपरेशन थियेटर बनाने का प्रपोजल है और दो मरीजों का एक साथ ऑपरेशन किए जाने की सुविधा भी मरीजों को नहीं मिलेगी। पंचकूला के सिविल अस्पताल में क्रिटिकल हालत के करीब 20 पेशेंट भर्ती हैं। इस अस्पताल के नहीं बनने से अभी तक आधुनिक सुविधाओं से मरीज भी महरूम हैं।
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यह बनाई गई है प्लानिंग
इस क्रिटिकल केयर यूनिट में गंभीर बीमारियों के अलावा रोड एक्सीडेंट, आगजनी जैसे हादसों में गंभीर मरीजों का इलाज करने की प्लानिंग है। इस ब्लॉक के निर्माण के लिए विभिन्न योजनाओं के तहत केंद्र सरकार 60 और राज्य सरकार 40 प्रतिशत का फंड उपलब्ध कराएगी। सीसीयू के 50 बेड में से दस बेड में आईसीयू, दस बेड में एचडीयू, 24 बेड का आइसोलेशन वार्ड, दाे बेड का डायलिसिस वार्ड, चार बेड का ट्रामा सेंटर होगा। हार्ट अटैक, कैंसर, हेड इंजरी, सड़क हादसों के गंभीर मामलों को हैंडल करने वाले विशेषज्ञ डॉक्टर्स का सेटअप भी यहां मौजूद रहेगा।


क्रिटिकल केयर यूनिट के लिए टीमें ने तीन बार दौरा किया है। इसे बनाने के लिए जगह अलॉट हो गई है। मदर केयर चाइल्ड अस्पताल हैंड ओवर करने के बाद इसका काम शुरू होगा। इसका काम पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से से करवाया जाएगा। - डॉ. रीटा कालरा, पीएमओ, सिविल अस्पताल सेक्टर -6
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