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Panchkula News: घग्गर किनारे आस्था के बाद गंदगी के ढेर, तरंगिनी संस्था कर रही सफाई

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गणेश प्रतिमा विसर्जन के बाद घाटों पर बिखरी पूजन सामग्री, प्रशासनिक इंतजाम नहीं
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सिंचाई विभाग, एचएसवीपी, पुलिस और नगर निगम को सफाई के लिए दिए जा चुके हैं मांग पत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। गणेश महोत्सव के चलते पंचकूला में घग्गर नदी के घाटों पर रोजाना श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। सेक्टर-21 स्थित छठ पूजा घाट पर भी सुबह से शाम तक मूर्ति विसर्जन के लिए श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमाओं का विधि-विधान से विसर्जन करने के बाद कई लोग पूजन सामग्री की पन्नियां, कृत्रिम थैलियां और खाली पात्र घाट पर ही छोड़ जा रहे हैं। इससे घग्गर किनारे कचरे के ढेर लग गए हैं और नदी के प्रदूषित होने के साथ घाटों की सुंदरता भी प्रभावित हो रही है।

घाटों पर सफाई के लिए नहीं दिखे इंतजाम
धार्मिक आयोजन के बावजूद घाटों पर प्रशासन की ओर से सफाई के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं। न कचरा डालने के लिए डस्टबिन लगाए गए हैं और न सफाईकर्मी तैनात किए गए हैं। ऐसे में सफाई का जिम्मा श्रद्धालुओं की जागरूकता और स्वयंसेवी संस्थाओं पर निर्भर है।
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तरंगिनी संस्था ने संभाली सफाई की जिम्मेदारी
घग्गर को साफ रखने के लिए तरंगिनी संस्था आगे आई है। संस्था की संयोजक तपस्या शर्मा के नेतृत्व में स्वयंसेवक सुबह सात बजे से शाम सात बजे तक घाटों की सफाई कर रहे हैं। टीम पन्नियां और अन्य कचरा एकत्र कर घाटों को साफ कर रही है।

विभाग एक-दूसरे पर बता रहे जिम्मेदारी
सिंचाई विभाग के एसडीओ मोहित धीमान के अनुसार छठ घाट का निर्माण एचएसवीपी ने कराया था और रीवर बैंक की सफाई की जिम्मेदारी भी एचएसवीपी की है, जबकि नदी के अंदर आने वाली बाधाओं को सिंचाई विभाग देखता है। दूसरी ओर, एचएसवीपी की ओर से सफाई की जिम्मेदारी सिंचाई विभाग और नगर निगम की बताई जा रही है। नगर निगम कमिश्नर विनय कुमार ने बताया कि निगम ने हाल ही में 150 टन कूड़ा और सॉलिड वेस्ट हटाया था। एनजीओ के सफाई अभियान में निगम ने सहयोग किया है।
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दो दिन से सफाई में जुटी हूं : तपस्या
नदी की सफाई के लिए संबंधित विभागों को लिखित में मांग पत्र दिए गए हैं। गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर घग्गर नदी में बदहाली न हो, इसलिए पिछले दो दिनों से सुबह से शाम तक सफाई कर रही हूं।
- तपस्या शर्मा, संयोजक, तरंगिनी संस्था
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