पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के कई जज, अधिकारी और स्टाफ के सदस्य कोरोना की चपेट में आ चुके हैं। परिस्थितियों को देखते हुए अभी फिजिकल हियरिंग पूरी तरह से बंद करने का निर्णय लिया है। अगले आदेश तक सभी केसों की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से होगी।
पंजाब-हरियाणा और चंडीगढ़ में लगातार बढ़ते कोरोना संक्रमण के चलते शनिवार को हाईकोर्ट की प्रशासनिक कमेटी, जिसमे हाईकोर्ट के वरिष्ठ जज सहित एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऑफ इंडिया सत्यपाल जैन, पंजाब के एडवोकेट जनरल अतुल नंदा, हरियाणा के एडवोकेट जनरल बीआर महाजन, चंडीगढ़ के सीनियर स्टैंडिंग काउंसल पंकज जैन और हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष जीबीएस ढिल्लों और सचिव चंचल सिंगला के बीच हुई आपात बैठक के बाद निर्णय लिया गया कि मौजूदा हालात को देखते हुए फिलहाल हाईकोर्ट में फिजिकल हियरिंग पूरी तरह से बंद कर दी जाए और अगले आदेश तक सभी केसों की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ही की जाए।
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बता दें कि पिछले साल 26 मार्च को लगे लॉकडाउन के बाद से हाईकोर्ट में सभी केसों की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ही की जा रही थी। इसी वर्ष फरवरी महीने से हाईकोर्ट की कुछ अदालतों में फिजिकल हियरिंग शुरू हुई थी। फिलहाल हाईकोर्ट की एक खंडपीठ और 12 सिंगल बेंच में फिजिकल हियरिंग चल रही थी। लेकिन मौजूदा परिस्थिति को देखते हुए अब दोबारा सभी केसों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ही सुनवाई किए जाने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
जिला स्तर पर सेशन जज करेंगे तय
हाईकोर्ट ने जिलों के स्तर पर पंजाब-हरियाणा और चंडीगढ़ के सभी सत्र न्यायधीशों को आदेश जारी कर दिए हैं कि वे अपने जिलों के हालात को देखते हे खुद तय करें कि किन केसों और कितने केसों की फिजिकल हियरिंग की जाए। इसके लिए भारत सरकार ने जो कोरोना गाइडलाइन्स जारी की हैं, उनका सख्ती से पालन किया जाए।
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