पंचकूला। दिवाली पर प्रदूषण पर काबू पाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। जिले में सिर्फ दो घंटे ही ग्रीन पटाखे जलाने की अनुमति दी गई है। पटाखे रात 8 से 10 बजे तक जलाए जा सकेंगे। डीसीपी सृष्टि गुप्ता ने निर्देश देते हुए कहा कि अगर तय समय से ज्यादा पटाखे जलाए गए तो सख्त कार्रवाई कर केस दर्ज किया जाएगा। इस दौरान पुलिस की ओर से रात के समय सभी सेक्टरोंं में गश्त की जाएगी। गश्त के दौरान अगर नियम का पालन नहीं किया तो कार्रवाई की जाएगी। इसमेंं सभी पुलिस मुलाजिम और थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं।
डीसीपी ने बताया कि अधिक पटाखे जलाने से वातावरण प्रभावित होता है। इससे श्वास सहित अन्य रोगियों को दिक्कत का सामना करना पड़ता है। जोर की आवाज करने वाले पटाखोंं और पटाखों की लड़ियों को बेचने पर प्रतिबंध रहेगा। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी वायु गुणवत्ता पर नजर रखेंगे।
पुलिस और फायर कर्मचारियों की छुट्टी रहेगी कैंसिल
दिवाली के पर्व पर पुलिसकर्मियों और फायर विभाग के कर्मचारियोंं की छुट्टी तीन दिन के लिए कैंसिल की गई है। सभी जगह पुलिस की तैनाती रहेगी। पुलिस की ओर से सेक्टर-5 बेलाविस्टा, औद्योगिक क्षेत्र फेज-2, सेक्टर-20, सेक्टर-8, 9,11 सहित अन्य स्थानोंं पर नाका लगाया जाएगा। वहीं, फायर ब्रिगेड की ओर से सभी सेक्टरों मेंं गाड़ियों की तैनाती की जाएगी।
पंचकूला फायर ऑफिसर तरसेम सिंह ने बताया कि पंचकूला के सेक्टर-5, सेक्टर -20 और अलीपुर बरवाला मेंं फायर बिग्रेड की गाड़ी तैनात की जाएगी। आग से बचाव के लिए फायर बिग्रेड की टीम तैनात की जाएगी। वहीं, फायर स्टेशन मेंं सभी जगह 24 घंटे कर्मचारी तैनात रहेंगे।
सेक्टर-5 में पटाखों के स्टॉल लगे, सुरक्षा के इंतजाम पुख्ता
सेक्टर-5 में धरना स्थल के समीप पटाखों की बिक्री के लिए अस्थायी स्टॉल लगाए गए हैं। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर तैनात की है ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। जानकारी के अनुसार रविवार से स्टॉल लगने शुरू हुए। दोपहर से ही लोग पटाखे खरीदने के लिए पहुंचने लगे। बच्चों और युवाओं में पटाखों को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। वहीं, प्रशासन ने दुकानदारों को सुरक्षा नियमों का पालन करने और बिना लाइसेंस पटाखे न बेचने की सख्त हिदायत दी है। पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर निगरानी रख रही हैं ताकि त्योहार के दौरान कोई अप्रिय घटना न हो।