कालका। नगर निगम पंचकूला से अलग होकर जब से नगर परिषद कालका-पिंजौर का गठन हुआ है तभी से लोगों को अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं कई विकास कार्य भी फंड ट्रांसफर न होने के चलते प्रभावित हो रहे हैं। बता दें कि हरियाणा सरकार द्वारा रजिस्ट्री करवाने के लिए यूआईडी नंबर जरूरी किया गया है तब से लोगों को कालका-पिंजौर नगर परिषद में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अपना काम करवाने के लिए अनेक चक्कर काटने पड़ रहे हैं। एडवोकेट विनोद गोरी ने बताया कि अगर किसी को बैंक द्वारा लोन, मकान का नक्शा पास, वसीका रजिस्टर्ड आदि करवाने हैं तो उसके लिए यूआईडी नंबर अनिवार्य है। परंतु नगर परिषदों में सैकड़ों चक्कर लगाने के बाद भी लोगों को यूआईडी नंबर नहीं मिल पा रहे हैं। यूआईडी नंबर लेने के लिए कार्यालय के कई टेबलों से होकर फाइल गुजरती है। ऐसे में अगर एक टेबल पर फाइल क्लीयर हो जाती है तो दूसरे टेबल पर रुक जाती है। कई बार तो देखा गया कि लोगों की फाइल ही गुम कर दी जाती हैं। इतना ही नहीं कई बार यदि किसी का नाम या अन्य कोई गलती यूआईडी नंबर में है तो उसको ठीक करवाने में भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
मुख्यमंत्री के नाम भेजेंगे ज्ञापन
एडवोकेट विनोद गोरी ने कहा कि डिजिटल इंडिया की बात करने वाली बीजेपी की सभी बातें यहां जीरो साबित हो रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री से मांग करते हुए कहा कि जनहित को देखते हुए वह कालका-पिंजौर नगर परिषद का निरीक्षण कर लोगों को आ रही समस्या को जाने। साथ ही उन्होंने यहां के कर्मचारियों के रवैये पर भी सवाल उठाते हुए कहा है कि वह जनता से ठीक तरीके से पेश नहीं आते। लोगों को यूआईडी नंबर लेने में आ रही परेशानियों के मद्देनजर जल्द ही वह मुख्यमंत्री हरियाणा मनोहर लाल व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के नाम ज्ञापन भेजेंगे। समस्या का समाधान नहीं हुआ तो हलके के सभी पार्टियों के नेताओं और लोगों के साथ मिलकर धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
कोट
जब ज्वाइन किया था तो करीब एक हजार यूआईडी नंबर पेंडिंग पड़ी थीं जिसमें से लगभग 800 के करीब यूआइडी नंबर को क्लीयर कर दिया गया है जो बची हैं उन्हें भी जल्द क्लीयर करवा दिया जाएगा।
-अशोक कुमार, ईओ, नगर परिषद