चंडीगढ़। लुधियाना के शहीद-ए-आजम सुखदेव थापर के जन्म स्थान के सौंदर्यीकरण और विकास के लिए भूमि अधिग्रहण को चुनौती देने वाली याचिका को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। याचिका खारिज होने के बाद अब इस कार्य का रास्ता साफ हो गया है।
याचिका दाखिल करते हुए प्रेम कुमार बंसल ने भूमि अधिग्रहण के पंजाब सरकार के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। याची ने कहा कि भूमि अधिग्रहण से पहले सोशल इंपैक्ट असेसमेंट नहीं किया गया। हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि इस मामले में पंजाब सरकार का निर्णय सही था। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में कोई कमी नहीं थी। शहीद-ए-आजम सुखदेव थापर के जन्म स्थल का सौंदर्यीकरण करने और आसपास के क्षेत्र को विकसित करने के लिए भूमि अधिग्रहण जरूरी है। केंद्र सरकार ने इस कार्य के लिए 81 लाख रुपये मंजूर किए थे। 2018 में पंजाब के मुख्यमंत्री ने भी इस भवन के लिए 1 करोड़ रुपये देने की घोषणा की थी। ऐसे में अब भूमि अधिग्रहण के खिलाफ यह याचिका खारिज होने के साथ ही विकास और सौंदर्यीकरण का रास्ता साफ हो गया है।