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पैनोरमिक कोच : सुसज्जित करने में लग रहा समय, जून में कालका पहुंचेंगे कोच

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संवाद न्यूज एजेंसी कालका। कालका-शिमला रेल मार्ग पर नए डिजाइन और आधुनिक सुविधाओं से युक्त पैनोरमिक कोचों को सुसज्जित करने की वजह से इनको ट्रायल के लिए लाइन पर उतारने में समय लगेगा। नई तरह का कोच होने के कारण इनकी निर्माण सामग्री को बार-बार बदलना पड़ रहा है। रेलवे सूत्रों के अनुसार जो चार कोच कालका-शिमला लाइन पर ट्रायल के लिए आने हैं, उनके शैलों का निर्माण तो हो चुका है, अब उक्त सभी कोचों में सीटें लगना, एसी लगना, खिड़कियां लगना, बिजली इत्यादि का काम प्रगति पर है। इसके बाद कोचों को पूरी तरह से तैयार कर ट्रायल के लिए कालका-शिमला मार्ग पर उतार दिया जाएगा। जून माह में कोचों के कालका पहुंचने की संभावना है। उक्त कोच में पहाड़ों का सफर करने में सैलानियों को एक अलग ही अनुभूति होगी।
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दो शेलों का ट्रायल हो चुका है सफल
अलग-अलग तरह के चार कोच रेलवे कोच फैक्ट्री कपूरथला में तैयार किए जा रहे हैं। लाल रंग और बड़ी-बड़ी शीशे की खिड़कियों वाले यह कोच देखने में जितने आकर्षक हैं, उतने ही सुविधाओं में भी अव्वल है। इनके चलाने का उद्देश्य सैलानियों को बिना किसी परेशानी के पहाड़ों की खूबसूरती और सुंदरता के दर्शन कराना है। दिसंबर 2022 में पहले दो शैल यानी खाली कोच का ट्रायल किया गया था। इसमें सीटें नहीं थीं, मात्र ढांचे को ही कालका-शिमला सेक्शन पर दौड़ाया गया था। अब पूरी सुख-सुविधाओं से सुसज्जित जो चार कोच तैयार किए जा रहे हैं, काम पूरा होने के बाद उनका ट्रायल किया जाएगा।





यह मिलेगी सुविधाएं
पैनोरमिक कोच में सभी आधुनिक सुविधाएं होंगी। कोच में कांच की छत और बड़ी खिड़कियों के अलावा 180 डिग्री पर घूमने वाली चेयर होगी। यह काफी आरामदायक होगी। कोच में फायर अलार्म, एयर ब्रेक, एलईडी लाइट्स का भी प्रबंध होगा। सीट पर ही इमरजेंसी बटन होगा। कोच में ऑटोमेटिक डोर और सीसीटीवी भी होंगे। प्रत्येक कोच की कीमत लगभग 1.3 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
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इनका होगा ट्रायल
जिन कोचों का ट्रायल होना है, उनमें एक एसी एक्जीक्यूटिव चेयरकार, दूसरी एसी चेयरकार, तीसरा नॉन-एसी चेयरकार और चौथा पॉवर कम लगेज कोच शामिल है। कालका पहुंचने के बाद आरडीएसओ लखनऊ की टीम इन कोचों का ट्रायल करेगी। इसके बाद मेजर माइल्ड स्टोन ट्रायल की रिपोर्ट (सीसीआरएस) चीफ कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी को भेजी जाएगी। रिपोर्ट के बाद सीसीआरएस टीम निरीक्षण करेगी। अनुमति मिलने के बाद सात पैनोरमिक कोचों का रैक कालका- शिमला के लिए चलाया जाएगा। बता दें कि आरसीएफ 12 सीटों वाली 6 प्रथम श्रेणी एसी चेयरकार, 24 सीटों वाली 6 एसी चेयरकार, 30 सीटों वाली 13 नॉन एसी चेयरकार और 5 पॉवर/सामान/गार्ड वैन सहित 30 अत्याधुनिक नैरो गेज पैनोरमिक कोचों का निर्माण करेगा।
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