एचएसवीपी से संसाधनों का हस्तांतरण अटका, 18 बड़े प्रस्तावों पर नहीं हो पा रहा फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला।
शहर के विस्तार और गांवों के नगर निगम में शामिल होने के साथ निगम की जिम्मेदारियां बढ़ती जा रही हैं, लेकिन संसाधनों की कमी विकास में बाधा बन रही है। नगर निगम को हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के 400 से अधिक एचकेआरएन और फील्ड कर्मचारियों के साथ मशीनरी का हस्तांतरण होना है, लेकिन प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। मशीनरी की फाइलें लंबित होने और महत्वपूर्ण बैठक स्थगित होने के कारण शहर के विकास से जुड़े 18 बड़े प्रस्ताव अटके हुए हैं।
सेक्टरों की जिम्मेदारी मिली, मशीनरी का इंतजार
एचएसवीपी की ओर से सेक्टरों के रखरखाव की जिम्मेदारी नगर निगम को सौंप दी गई है। हालांकि, इस काम के लिए जरूरी मशीनरी अभी निगम को नहीं मिली है। ऐसे में सीमित संसाधनों के सहारे ही निगम को बढ़ी हुई जिम्मेदारियां निभानी पड़ रही हैं। इसी बीच निकाय मंत्री विपुल गोयल के साथ नगर निगम, पंचकूला महानगर विकास प्राधिकरण (पीएमडीए) और एचएसवीपी की संयुक्त बैठक होनी थी। बैठक में शहर के विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा और निर्णय प्रस्तावित थे, लेकिन किन्हीं कारणों से बैठक स्थगित हो गई।
आमदनी बढ़ाने वाले प्रोजेक्ट की तलाश
नगर निगम अपनी वित्तीय स्थिति सुधारने के लिए ऐसे बड़े प्रोजेक्ट हासिल करना चाहता है, जिनसे आमदनी भी हो सके। निगम अधिकारियों के अनुसार, अब तक सौंपे गए कार्यों में खर्च अधिक हो रहा है, जबकि आय बढ़ाने वाला कोई बड़ा प्रोजेक्ट निगम के पास नहीं है। निगम की ओर से सरकार से लाभकारी प्रोजेक्ट सौंपने की मांग की जा रही है। इस मुद्दे पर पीएमडीए के साथ भी चर्चा प्रस्तावित है। इसके अलावा कालका की अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने और एनएचएआई की जमीन पर हुए अतिक्रमण के लिए ठोस नीति बनाने के प्रस्ताव भी लंबित हैं।
सिग्नल फ्री योजना और पार्क समेत 18 प्रस्ताव अटके
नगर निगम के 18 प्रमुख प्रस्तावों में शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर, रखरखाव और जनसुविधाओं से जुड़े काम शामिल हैं। इनमें सेक्टर-1 से 12ए तक सिग्नल फ्री कॉरिडोर बनाना, सेक्टर-3 में निर्माणाधीन नगर निगम भवन का काम पूरा करना और सेक्टर-20 में 24 एकड़ में पब्लिक पार्क विकसित करना प्रमुख हैं। इसके अलावा सेक्टरों और गांवों में सीमेंटेड सड़कें, सीवरेज व पेयजल व्यवस्था में सुधार, पार्कों में सिंथेटिक ट्रैक और ओपन जिम, ग्रीन बेल्ट का रखरखाव, चौपालों व सामुदायिक केंद्रों का सुंदरीकरण, सड़कों और फुटपाथों की मरम्मत, बस क्यू शेल्टर व सार्वजनिक शौचालयों का रखरखाव, हर सेक्टर में वाटर कूलर, आवारा कुत्तों के लिए शेल्टर, डंपिंग ग्राउंड के लिए नई साइट और राजीव-इंदिरा कॉलोनी के बीच नाले के स्थायी समाधान जैसे काम शामिल हैं। नई मशीनरी की खरीद का प्रस्ताव भी सूची में है।
एक छत के नीचे आएंगी निगम की शाखाएं
सेक्टर-3 में निर्माणाधीन नई नगर निगम बिल्डिंग का काम पूरा होने पर निगम की सभी शाखाओं को एक छत के नीचे लाने की योजना है। अधिकारियों का कहना है कि इससे लोगों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और कामकाज में भी तेजी आएगी।
कोट
नगर निगम में एचएसवीपी से तकरीबन 400 एचकेआरएन और अन्य स्टाफ और मशीनरी ट्रांसफर होनी है। नगर निगम के कई प्रस्ताव हैं, जिन पर वीरवार को निकाय मंत्री के साथ विचार-विमर्श होना था लेकिन बैठक स्थगित करनी पड़ी है।
- विनय कुमार, नगर निगम आयुक्त
कोट
शहर के विस्तार के साथ नगर निगम की जिम्मेदारियां लगातार बढ़ रही हैं। बिना पर्याप्त मशीनरी, स्टाफ और नियमित फंड के इन जिम्मेदारियों को निभाना मुश्किल है। निकाय मंत्री के साथ बैठक में इन सभी मुद्दों पर निर्णय होना था लेकिन बैठक स्थगित होने से प्रस्तावों पर फैसला नहीं हो सका। अब निगम को अगली बैठक का इंतजार है। - श्याम लाल बंसल, मेयर