हरियाणा बजट 2026-27 : फ्लाईओवर, एटीएस थाना, हाई-टेक पुलिसिंग और नई कनेक्टिविटी परियोजनाओं की घोषणा
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। हरियाणा के मुख्यमंत्री ने वर्ष 2026-27 का वार्षिक बजट पेश करते हुए पंचकूला को ‘सुपर सिटी’ के रूप में विकसित करने का खाका पेश किया है। पंचकूला महानगर विकास प्राधिकरण के लिए 829 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस बजट में कनेक्टिविटी, सुरक्षा, शिक्षा और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने पर विशेष फोकस रखा गया है।
कनेक्टिविटी को रफ्तार, दो फ्लाईओवर को मंजूरी
एनएच-5 पर बुर्ज कोटियन और एचएमटी क्लब के पास दो फ्लाईओवर निर्माण के लिए 80 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इन परियोजनाओं से ट्रैफिक जाम की समस्या में कमी आने और शहर की कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है।
इसके अलावा सेक्टर-23 से एनएच-7 तक बाहरी सड़क निर्माण के लिए 30 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
सुरक्षा में बड़ा कदम: एटीएस थाना और हाई-टेक पुलिसिंग
पंचकूला में राज्य का दूसरा एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (एटीएस) थाना खोला जाएगा, जो आईजी स्तर के अधिकारी के अधीन कार्य करेगा। इसमें महिला कमांडो की भी तैनाती की जाएगी। साथ ही अत्याधुनिक जिला जेल बनाने का प्रस्ताव भी स्वीकृत किया गया है, जो हाई-सिक्योरिटी सुविधाओं से लैस होगी। पुलिस कर्मियों को बॉडी वॉर्न कैमरों से लैस करने की योजना भी बजट में शामिल है, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।
पिंजौर-कालका क्षेत्र को नई पहचान
एनएच-5 पर दो नए फ्लाईओवर और नाडा चौक पर एचएल पुल की दूसरी लेन के निर्माण की शुरुआत इस वर्ष करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे पिंजौर-कालका क्षेत्र में यातायात सुगम होगा और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
150 नई इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल
राज्यभर में 150 नई इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल खरीदी जाएंगी, जिनमें से बड़ी संख्या पंचकूला पुलिस को मिलेगी। इससे पुलिस की प्रतिक्रिया समय में कमी आएगी। इसके साथ ही 1934 के पुराने पुलिस नियमों की जगह नए हरियाणा पुलिस नियम लागू किए जाएंगे।
सेक्टर-32 में बनेगा इंजीनियरिंग कॉलेज
सेक्टर-32 में 10 एकड़ भूमि पर एसआईईटी (स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी) स्थापित किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों को उच्च तकनीकी शिक्षा के लिए बेहतर आधारभूत ढांचा उपलब्ध होगा।
मोरनी ब्लॉक बनेगा जैविक मॉडल
हरियाणा सरकार ने मोरनी ब्लॉक को एक प्राकृतिक जैविक ब्लॉक के रूप में विकसित करने की योजना बनाई है। इसका उद्देश्य क्षेत्र के प्राकृतिक संसाधनों को संरक्षित करते हुए जैविक कृषि को बढ़ावा देना और स्थानीय किसानों को सशक्त बनाना है। सरकार ने घोषणा की है कि यह योजना इस वित्त वर्ष में धरातल पर उतरेगी। योजना के तहत, मोरनी ब्लॉक को जैविक खेती के केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा जहां कृषि उत्पादों को रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों से मुक्त रखा जाएगा। इसके अलावा स्थानीय किसानों को जैविक खेती की तकनीकों और संसाधनों के बारे में प्रशिक्षित किया जाएगा ताकि वे ज्यादा फसल उत्पादन कर सकें और बाजार में अपनी उपज की बेहतर कीमत पा सकें।