जांच पूरी होने तक नहीं खुलेगा कमरा
प्रशासन के अनुसार, जांच पूरी होने तक कमरा नंबर-19 रिजर्व रहेगा। फोरेंसिक और बाल संरक्षण टीम पहले ही कमरे की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कर चुकी हैं। वहीं, बच्चों की काउंसलिंग के दौरान कमरे को लेकर उनकी प्रतिक्रियाएं भी जानी जा रही हैं।
स्कूल प्रबंधन का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा और मानसिक स्थिति को प्राथमिकता देते हुए फिलहाल यहां कक्षाएं नहीं लगाई जा रही हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कमरे के इस्तेमाल को लेकर आगे फैसला लिया जाएगा।
तीसरी कक्षा के छात्र के बिहेवियर पर प्रिंसिपल-स्टाफ से पांच घंटे पूछताछ
सरकारी स्कूल मामले में तीसरी कक्षा के छात्र के बिहेवियर को लेकर प्रशासन ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। मंगलवार को जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, जिला परियोजना समन्वयक और उप जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी की टीम स्कूल में पहुंची और करीब पांच घंटे तक निलंबित प्रिंसिपल और स्टाफ से पूछताछ की।
टीम के साथ मनोवैज्ञानिक चिकित्सक भी मौजूद रहीं। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की गई कि छात्र का अप्रैल 2024 में दाखिला होने के बाद से अब तक उसके व्यवहार में क्या बदलाव आए और क्या स्कूल ने इसे लेकर कभी परिवार से बातचीत की थी।
जांच टीम ने प्रिंसिपल से कई बिंदुओं पर सवाल किए। छात्र का कक्षा में बर्ताव कैसा था, अन्य बच्चों के साथ उसकी बातचीत किस तरह की थी, क्या वह बड़े बच्चों के साथ मिलता-जुलता था, इस पर विस्तार से पूछताछ हुई। टीम ने यह भी पूछा कि क्या छात्र को लेकर कभी किसी अन्य छात्र ने शिकायत की थी और क्या उसके परिजनों को उसके बर्ताव को लेकर कभी स्कूल बुलाया गया था। निलंबित कक्षा अध्यापिका का भी अलग से बयान दर्ज किया गया। पढ़ाई छोड़कर खेल में रुचि होने, कभी शिकायत आने और परिजनों को बुलाने जैसे बिंदुओं पर जवाब लिए गए।
सूत्रों के अनुसार पूछताछ में यह बात भी सामने आई कि छात्र की पढ़ाई में रुचि कम हो रही थी और वह पढ़ाई छोड़कर खेल में ज्यादा रुचि लेने लगा था। परिवार के साथ बच्चे के बर्ताव को लेकर कभी कोई औपचारिक बातचीत हुई थी या नहीं, इस बिंदु पर भी टीम ने जानकारी ली। प्रशासन यह समझने की कोशिश कर रहा है कि व्यवहार में बदलाव के शुरुआती संकेतों पर स्कूल स्तर पर क्या कदम उठाए गए।