बड़ी बहन भी सदमे में, घर में छह दिन नहीं गूंजी हंसी
पिता ने बताया कि बड़ी बेटी भी इसी स्कूल में दूसरी कक्षा में पढ़ती है। घटना वाले दिन घर पहुंचकर उसने कहा था...पापा, आज दीदी नहीं मिली, वह मुझसे नहीं मिली। छोटी बहन पर हमले की जानकारी के बाद वह गुमसुम रहने लगी और खाना-पीना भी छोड़ दिया। छह दिन तक घर में दोनों बहनों की हंसी गायब रही। बुधवार को छोटी बहन घर पहुंची तो बड़ी बहन दौड़कर उससे लिपट गई।
बच्ची अभी पूरी तरह स्वस्थ नहीं है। उसे चक्कर आते हैं और पैरों में दर्द रहता है। डॉक्टरों ने 10 दिन बाद फॉलोअप के लिए बुलाया है। किसी भी परेशानी पर परिवार पीजीआई आ सकता है। संस्थान ने आगे भी जरूरी चिकित्सा देखभाल का भरोसा दिया है। माता-पिता ने कहा कि पूरे देश के लोगों की दुआओं ने उनकी बेटी को नई जिंदगी दी है।
बच्ची से मिलीं महिला आयोग अध्यक्ष, बोलीं- लापरवाही के दोषी नहीं बचेंगे
बुधवार सुबह घर लौटी छह वर्षीय पीड़ित बच्ची से हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष उषा प्रियदर्शनी ने मुलाकात की। उन्होंने करीब आधा घंटा बच्ची के साथ बिताया, गोद में लेकर दुलारा और परिवार को हरसंभव मदद का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि स्कूल की लापरवाही पर शिक्षा विभाग को पत्र लिखेंगी और जल्द निरीक्षण करेंगी। दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। सदमे में चल रही बच्ची की आयोग सप्ताह में तीन से चार दिन नियमित काउंसलिंग कराएगा, ताकि वह सामान्य जीवन में लौट सके।