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रेल यात्री सुविधा समिति ने जांच के नाम की खानापूर्ति

Thu, 07 Apr 2016 12:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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रेल यात्री सुविधा समिति - फोटो : अमर उजाला
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वर्ल्ड क्लास रेलवे स्टेशन की दौड़ में शामिल चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर असुविधाओं का अंबार है। लेकिन जांच के लिए रेलवे स्टेशन पर आने वाले अधिकारियों को यात्रियों की असुविधाएं दिखाई नहीं देती हैं। बुधवार को भी ऐसा ही हुआ। चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा की जांच के लिए रेलवे यात्री सुविधा कमेटी पहुंची। मौके पर दावे तो बहुत किए गए, लेकिन यात्रियों को मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं पर बिलकुल ध्यान नहीं। वह जांच के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति कर चलते बने।
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जीआरपी थाने में सिर्फ फाइलों की जांच
यात्री सुविधा समिति के सदस्यों ने जीआरपी थाने में सिर्फ फाइलों की जांच की। यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं पर उनका बिल्कुल ध्यान नहीं था। जैसे ही जीआरपी एसएचओ ने मुलाजिमों की कमी बताई तो जांच टीम के सदस्यों ने नए वित्तीय वर्ष में कितने केस रजिस्टर हुए हैं उसके बारे में बात करने लगे। अगर थाने में मुलाजिम ही नहीं रहेंगे तो यात्रियों की सुरक्षा कैसे होगी और मामले कैसे दर्ज होंगे। वर्तमान में जीआरपी के पास स्टाफ की कमी है। उस पर टीम ने ध्यान नहीं दिया। थाने का गेट ऊंचा करवाने की सलाह जरूर देकर चल दिए।
 
पंचकूला की तरफ देखा तक नहीं
यात्रियों की सुरक्षा का मुआयना करने आई टीम ने पंचकूला साइड रेलवे स्टेशन की तरफ देखा तक नहीं। वह ब्रिज से नीचे तक नहीं उतरे। उस पर से देखकर निकल पड़े। जबकि पंचकूला की तरफ सुविधाएं कम असुविधाएं ज्यादा हैं।
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पंचकूला की तरफ कमियां
सुरक्षा नदारद, सीसीटीवी कैमरा बंद, सिर्फ एक रिजर्वेशन टिकट काउंटर, स्टेशन की सड़कें बदहाल, आधे स्ट्रीट लाइट और मेटल डिटेक्टर बंद पड़े हैं।

स्टेशन के करीब 300 स्लीपर टूटे पर नजर तक नहीं गई
चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर पटरियों के बीच करीब 300 स्लीपर टूटे हैं, लेकिन जांच टीम समिति की नजर टूटे स्लीपरों पर नहीं गई। वह प्लेटफार्म पर घूमते रह गए। अधिकारिक सूत्रों का कहना है कि इस प्रोजेक्ट में बजट जो खर्च करना पड़ेगा। इसलिए समिति ने ध्यान नहीं दिया।

भारत सरकार से जुड़ी है यह समिति 
रेलवे स्टेशन पर बुधवार को यात्री सुविधा समिति (पीएसी) के सदस्यों ने स्टेशन पर यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं की जांच की। टीम के सदस्यों ने बताया कि उनका फोकस यात्रियों की सुरक्षा पर है। समिति के पांच सदस्यों की टीम ने सबसे पहले एस्केलेटर की जांच की। इसके बाद प्लेटफार्म नंबर वन पर सीसीटीवी रूम में पहुंचे। वहां पर आरपीएफ मुलाजिमों को सीसीटीवी फुटेज दिखाने को कहा। मुलाजिमों ने कुछ फुटेज दिखाया, जिसमें यात्रियों और वस्तुओं की सही तरीके से पहचान नहीं हो पा रही थी। कई कैमरे वर्किंग नहीं दिख रहे थे। टीम के सदस्य इरफान अहमद ने कहा कि कैमरे को तत्काल सही करवाया जाए। टीम ने प्लेटफार्म पर बंद वाटर कूलर को तत्काल चालू करवाने के निर्देश दिए। सीनियर डीसीएम प्रवीण गौड़ ने कहा कि वाटर कूलर नया लगा है। अभी यह वर्किंग नहीं है। इसे जल्द शुरू करवा दिया जाएगा।

वेटिंग रूम की जांच की 
रेलवे यात्री सुविधा समिति के अधिकारियों नेे प्लेटफार्म नंबर वन पर बने वेटिंग रूम की जांच की। उसमें एक जनरल टिकट लेकर बैठा यात्री पकड़ा गया। उसके बाद टीम ने शौचालय के बाहर लिखे नेम प्लेट को हिंदी और अंग्रेजी में बदलवाने का निर्देश दिया। ताकि जो अंग्रेजी नहीं समझ पाए उन यात्रियों को सहूलियत मिल सके।   

जांच टीम ये थे शामिल 
रेलवे यात्री सुविधा समिति के सदस्यों में राजीव, डॉ. अशोक त्रिपाठी, तिलक राज कटारिया, इरफान अहमद, अरुणेश मिश्रा शामिल थे। इसके अलावा अंबाला डिवीजन की सीनियर डीसीएम प्रवीणा गौड़, चंडीगढ़ के स्टेशन मास्टर टीपी सिंह व रेलवे अन्य अधिकारी मौजूद थे।
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