मामले की जांच एसीपी विजय कुमार ने की। शिकायतकर्ता ने बताया कि अनिल भल्ला ने अपने साथियों के साथ मिलकर उसे लोन दिलाने और विदेश यात्रा का झांसा देकर करीब 45 लाख रुपये ठगे। इसके बाद आरोपी ने लोन नहीं करवाया। जब शिकायतकर्ता ने अनिल भल्ला से पैसे मांगे तो उसने जान से मारने और किसी अन्य केस में फंसाने धमकी दी।
फर्जी तरीके से एफआईआर दर्ज करवाई
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि आरोपी अनिल भल्ला ने शिकायतकर्ता संजीव गर्ग पर फर्जी तरीके से धोखाधड़ी का मामला सेक्टर-5 थाने में दर्ज करवाया था। आरोपी पुलिस चौकी इंचार्ज के साथ मिलकर गिरफ्तारी का डर दिखाकर उससे अलग -अलग तरीकों से ठगी कर रहे थे। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपियों ने पुलिस से मिलीभगत कर शिकायतकर्ता के खिलाफ ही झूठा केस दर्ज करवा दिया और बचने के लिए कैश और महंगी कारों की मांग की।
इस संबंध में कार के फर्जी कागजात भी तैयार करवाए गए थे। पुलिस इस मामले की भी जांच कर रही है। इसमें किसी पुलिस कर्मचारी के शामिल होने पर उस पर भी कार्रवाई की जाएगी। आरोपी अनिल भल्ला को पंचकूला पुलिस धोखाधड़ी के मामले में पहले भी गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस की शुरुआती जांच में पाया गया है कि आरोपी अनिल भल्ला फाइनेंस का काम करता है। वह भोले भाले लोगों से खाली कागजों पर हस्ताक्षर करवाने के बाद ब्लैकमेल करके उनकी जमीन जायदाद हड़पने और झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी देता है।
2016 से अब तक 180 शिकायतें मिली
पुलिस कमिश्नर डॉ. हनीफ कुरैशी ने बताया कि आरोपी अनिल भल्ला के खिलाफ अलग-अलग मामलों में पहले भी शिकायतें मिली हैं। पुलिस को इस संबंध में 2016 से लेकर अब तक करीब 180 शिकायतों का पता चला है। जिसमें से कुछ आरोपी के खिलाफ व कुछ पीड़ितों के खिलाफ हैं।