जिले के दो इलाकों में मलेरिया के पॉजिटिव केस सामने आए हैं। एक ओल्ड पंचकूला और दूसरा केस पिंजौर का है। दोनों की पुष्टि पंचकूला सेक्टर-6 के जनरल अस्पताल में हुई है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आसपास के एरिया में फॉगिंग करवा दी है। इन दोनों जगहों और आसपास के एरिया में विभाग की टीम ने एंटी लारवा दवाई का छिड़काव करवा है। इसके अलावा मलेरिया विंग की टीम ने लोगों के घरों में जाकर सर्वे किया। कूलर में जमा पानी को खाली करवाया। इसके अलावा इन जगहों पर हेल्थ कर्मचारी बुखार के मरीजों का भी सर्वे कर रहे हैं।
ये सावधानियां बरतें
बारिश के दिनों में आसपास के इलाकों में पानी जमा न होने दें।
घर में रखे कूलर और खाली बर्तनों में पानी एकत्रित न होने दें।
बार-बार बुखार हो तो नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं।
क्या है मलेरिया के लक्षण
सामान्य तौर पर मलेरिया के संक्रमण होने में दस दिन बाद मलेरिया के लक्षण नजर आते हैं। कुछ व्यक्तियों में मलेरिया का संक्रमण होने के बाद मलेरिया के परजीव अधिक दिनों तक लीवर के अंदर निष्क्रिय अवस्था में भी रह सकते हैं।
ठंड लगकर तेज बुखार आना, सिरदर्द, बदन दर्द, उल्टी, जुकाम, भूख न लगना, कमजोरी, खून की कमी, सांस लेने में तकलीफ, कोमा, प्लेटलेट्स की कमी के कारण शरीर में लाल चट्टे पड़ सकते हैं। जरूरी नहीं की एक मलेरिया के मरीज में ये सभी लक्षण नजर आए। मलेरिया के परजीवी की प्रजाति और मलेरिया के संक्रमण की तीव्रता के हिसाब से लक्षण कम ज्यादा होते रहते हैं।