अस्पताल में आने वाले मरीज परेशान होते रहे।
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हरियाणा सरकार सरकारी अस्पताल में आने वाले मरीजों को लेकर कितना गंभीर है, इसका अंदाजा पंचकूला के सामान्य अस्पताल के हाल देखकर लगाया जा सकता है। सोमवार को इलाज के लिए पहुंच मरीजों को डाक्टर से मिलने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। कारण, अस्पताल में डाक्टरों की कमी है। यहां इलाज के लिए रोजाना करीब छह मरीज पहुंचते हैं।
सोमवार को अस्पताल में मेडिकल वार्ड में करीब दो सौ मरीज इलाज के लिए खड़े थे। उनकी जांच के लिए मात्र एक फिजिशियन की ड्यूटी लगाई गई थी। इस बीच डॉक्टर के पास इमरजेंसी कॉल भी थे और उन्हें राउंड पर भी जाना पड़ रहा था। ऐसे में सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक अस्पताल में आने वाले मरीज परेशान होते रहे।
अस्पताल के मेडिसिन ओपीडी में जिलेभर से रोजाना करीब छह सौ मरीज इलाज के लिए आते हैं। ऐसे में डॉक्टरों की अनुपस्थिति की वजह से मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। सोमवार को भी ऐसे ही हुआ। जनरल अस्पताल में चार फिजिशियन हैं। जिसमें दो डॉक्टरों को वीवीआईपी ड्यूटी पर भेज दिया गया। बच गए दो डॉक्टर एक डॉक्टर की ड्यूटी सुबह थी और दूसरे डॉक्टर की शाम की।
अधिकारिक सूत्रों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि एमएलए हॉस्टल में वीवीआईपी ड्यूटी के लिए दो डॉक्टर तैनात किए गए हैं। इसके बाद भी जनरल अस्पताल के डॉक्टरों की वीवीआई ड्यूटी लगाई जाती है। ऐसे में अस्पताल में डॉक्टरों की कमी मरीजों की परेशानी की वजह बन रही है। अस्पताल में आने वाले कई पुराने मरीजों का कहना है कि महीने में करीब दस दिन तो डॉक्टर वीवीआईपी ड्यूटी पर होते हैं। ऐसे मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों में जांच के लिए जाना पड़ता है।