पंचकूला। अभयपुर में डायरिया से तीन दिन में एक बच्चे की मौैत और 250 पीड़ित मिलने के बाद अब एचएसवीपी, स्वास्थ्य विभाग की टीमों के साथ पुलिस भी तैनात कर दी गई है। तीसरे दिन भी एचएसवीपी के कर्मचारी पाइप लाइनों में फाल्ट ढूंढते रहे लेकिन सफलता नहीं मिली है। शुक्रवार को भी डायरिया से पीड़ित मरीजों के आने का सिलसिला जारी रहा। उधर विस अध्यक्ष के निर्देश पर सीएमओ ने डायरिया से बच्चे की मौत पर पर जांच बैठा दी है। इसकी रिपोर्ट तीन दिन मेें आ जाएगी। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग ने गांव अभयपुर में मेडिकल केंद्र खोल दिए हैं। इसके साथ ही सेक्टर-6 सिविल अस्पताल की ओपीडी और इमरजेंसी में लगातार मरीजों का इलाज किया जा रहा है। शुक्रवार को भी 58 नए लोग डायरिया पीड़ित मिले हैं।
इसमें बच्चों की संख्या सबसे ज्यादा है। दो बच्चों की हालत नाजुक है। इस समय अस्पताल में डायरिया के करीब 60 मरीज भर्ती हैं। 16 साल से कम उम्र के बच्चों का आंकड़ा हर रोज बढ़ता जा रहा है। अस्पताल में पांच माह के बच्चे से लेकर 15 साल तक के 38 बच्चे एडमिट हैं। इसके साथ ही बीस बालिग मरीज भी भर्ती हैं। सिविल सर्जन डॉ. मुक्ता ने बताया कि गांव अभयपुर में बच्चे की मृत्यु के मामले में जांच शुरू कर दी गई है। इसमें पीएमओ को तीन दिन में अपनी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। उन्होंने बताया कि तीन दिन में डायरिया के कुल 250 केस दर्ज किए हैं। इसमें 60 मरीज अस्पताल में उपचाराधीन हैं। पिछले 12 से 14 घंटों में डायरिया के मामलों में कमी आई है। इस अवधि में 50 मामले ही सामने आए हैं।
फॉल्ट ढूंढने में लगे रहे एचएसपीवी के कर्मचारी
एचएसवीपी की टीम को जांच के दौरान पीने के पानी के अवैध कनेक्शन मिले। तीन दिन बीतने के बाद भी हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के अधिकारियों और जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को इस क्षेत्र में कोई फाल्ट नहीं मिला है। दूसरी तरफ लगातार मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि टीमें लगातार कार्य कर रही हैं। लोगों के घरों के बाहर पानी की पाइप में फाल्ट ढूंढने का काम किया जा रहा है। गांव अभयपुर में दो घरों में सीवर लाइन के एकदम साथ पीने के पानी की लाइन डालकर कनेक्शन लगाए गए थे। एचएसवीपी ने दोनों कनेक्शन काट दिए हैं। घरों के मालिकों को परमिशन लेकर कनेक्शन लेने के लिए कहा गया है। यहां चार कनेक्शन लगाए गए थे। दो कनेक्शनों में लीकेज था, और उससे अलग अलग एरिया में प्रदूषित पानी सप्लाई हो रहा था। इसके साथ ही शुक्रवार को लोग पीने के पानी की व्यवस्था वाटर टैंकरों से कर रहे थे। हर रोज एचएसवीपी 10 से 12 टैंकरों की मदद से लोगों को पानी उपलब्ध करवा रहा है।
13 जुलाई से आने शुरू हुए थे मामले
13 जुलाई को डायरिया के 17 मामले आए थे। इनमें से 9 मरीजों और दो बच्चों को भर्ती किया गया। 14 जुलाई को 50 पीड़ितों में से 19 मरीजों के साथ ही 9 बच्चों को अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। 14 जुलाई को ही एक 9 साल के बच्चे की मौत होने के बाद प्रशासन हरकत में आया। 15 जुलाई को 112 नए मरीज मिले, इसमें से 21 लोगों के साथ ही 13 बच्चों को अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। 16 जुलाई को 58 मरीजों मे 38 बच्चे शामिल रहे। सीएमओ डॉक्टर मुक्ता कुमार ने बताया कि स्वयं इमरजेंसी वार्ड में जाकर दौरा कर रही हैं। उन्होंने डाक्टरों को स्पष्ट आदेश दिए हैं कि जब तक मरीज पूरी तरह ठीक नहीं हो जाता, तब तक उनको डिस्चार्ज नहीं किया जाए।
कैंप लगाकर कर रहे हैं जांच
सीएमओ डा. मुक्ता कुमार ने बताया कि गांव अभयपुर में आन साइट कैंप लगाकर लोगों के स्वास्थ्य की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि अब तक 56 लोगों ने इस कैंप में अपना रजिस्ट्रेशन करवाया है। इसमें से तीन बच्चों को कल अस्पताल में दाखिल करवाया गया। उन्होंने कहा कि इस कैंप में लोगों को ओपीडी की तरह सुविधाएं दी जा रही हैं। डायरिया से बचने के लिए ओआरएस के पैकेट दी जा रही हैं। उन्हें अस्पताल जाने की जरूरत न हो। उन्होंने बताया कि गांव अभयपुर में घर-घर जाकर क्लोरीन की आपूर्ति की गई है। उन्होंने बताया कि गांव अभयपुर की तर्ज पर शनिवार से राजीव कॉलोनी, इंदिरा कॉलोनी व अन्य बस्तियों में भी कैंप लगाकर लोगों के स्वास्थ्य की जांच की जाएगी। इस मौके पर हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के अधीक्षक अभियंता संजीव चोपड़ा, कार्यकारी अभियंता अमित राठी व नगर निगम पंचकूला के संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
पूर्व डिप्टी सीएम भी पहुंचे
पंचकूला के गांव अभयपुर में पूर्व डिप्टी सीएम चंद्रमोहन भी अन्य कांग्रेसी नेताओं के साथ मृतक बच्चे के परिवार से मिलने पहुंचे और गांव अभयपुर का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि जल्द से जल्द यहां की पाइप लाइन को बदला जाए। जिससे कि जान माल की रक्षा की जा सके।