अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब में धान की खरीद के नए सीजन के साथ ही केंद्र सरकार ने आधार ई-केवाईसी में फेस ऑथेंटिकेशन (चेहरा प्रमाणीकरण) की प्रक्रिया शुरू की है जिसका किसानों व आढ़तियों ने विरोध शुरू कर दिया है।
16 सितंबर से धान की सरकारी खरीद शुरू होते ही किसानों और आढ़तियों को इस नई व्यवस्था का सामना करना पड़ा। केंद्र सरकार का कहना है कि फेस ऑथेंटिकेशन से फर्जी किसानों की पहचान खत्म होगी और एमएसपी के तहत अतिरिक्त धान की बिक्री में होने वाली गड़बड़ियों पर रोक लगेगी। यह सिस्टम अन्य राज्यों में भी लागू है।
किसान मजदूर मोर्चा के नेता सरवण सिंह पंधेर ने कहा कि यह कदम किसानों और व्यापारियों दोनों के लिए अनावश्यक बाधा है, जिसे वापस लिया जाना चाहिए। अचानक लागू की गई इस व्यवस्था से किसानों को मंडियों में परेशानी होगी। मंडियों में घर से कोई भी फसल लेकर आ जाता है। इस नए सिस्टम से सिर्फ लाभार्थी किसान को ही फसल लेकर आना होगा, जो सही नहीं है।
पंजाब की फेडरेशन ऑफ आढ़ती एसोसिएशन के नेता अमनदीप सिंह ने कहा कि सरकार बेवजह के नियम लागू कर रही है, जिससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस फैसले को तुरंत रद्द किया जाना चाहिए, क्योंकि इससे खरीद भी प्रभावित होगी।