अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब के बाढ़ ग्रस्त इलाकों में सरकार की ओर से राहत कार्य जारी हैं। लोगों की मदद के लिए सरकारी शिविर भी लगाए गए हैं। बाढ़ का पानी उतरने के बाद लोगों की मुश्किलें अभी कम नहीं हुई हैं। उनके आगे कई तरह की समस्याएं आ रही हैं।
कुछ दिक्कतें ऐसी हैं जिनका निपटान प्रशासनिक स्तर पर हो जाएगा। इसी के मद्देनजर पंजाब सरकार ने सभी बाढ़ ग्रस्त जिलों के डीसी को निर्देश जारी किए हैं कि वे रोज बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे। उनके बीच जाकर लोगों की समस्याएं सुनेंगे और समाधान करवाएंगे।
बाढ़ की वजह से पंजाब के सभी जिले प्रभावित रहे लेकिन माझा व दोआबा के करीब 12 जिलों में बाढ़ ने खूब तबाही मचाई। इन क्षेत्रों में लोगों के खेत, मकान और पशु तक बह गए और 57 जानें चली गईं। अब यहां कई तरह की बीमारियों से बचने के लिए दवाओं, खेतों में कई फीट तक जमी गाद निकालने के लिए संसाधनों, गुजर-बसर के लिए रोजमर्रा की चीजों इत्यादि की जरूरत है। इन चीजों की व्यवस्था की जिम्मेदारी जिला प्रशासन की है। इसमें सरकार भी सहयोग कर रही है और विभिन्न समाज सेवी संस्थाएं भी।
साढ़े चार हजार से अधिक पटवारियों को विशेष गिरदावरी के निर्देश दिए हैं। विभिन्न तरह के नुकसान का सर्वे किया जा रहा है। पंजाब सरकार चाहती है कि बाढ़ पीड़ितों को फौरी मदद मिले और इस काम में कोई कोताही न हो।
मुख्यमंत्री भगवंत मान के अनुसार उन्होंने डिप्टी कमिश्नरों को फील्ड में जाकर बाढ़ राहत कैंपों और अन्य प्रभावित क्षेत्रों का रोज दौरा करने को कहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि लोगों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।