पिछले दिनों मोरनी और कालका में अफीम की खेती का मामला आया था सामने संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। पिछले दिनों मोरनी और कालका में अफीम की खेती करने का मामला सामने आने के बाद एंटी नारकोटिक्स सेल, क्राइम ब्रांच और डिटेक्टिव स्टाफ सतर्क हो गया है। टीमों की निगाहें सीमांत क्षेत्रों मोरनी, कालका और पिंजौर के खेतों, फार्म हाउसों और बगीचों पर लगी है। अफीम की खेती का मामला मिलते ही टीमें हरकत में आ जाएंगी। मोरनी के कई गांव ऐसे हैं जहां पर पुलिस की गश्त मुश्किल है। ऐसे में पुलिस वहां के स्थानीय लोगों से अधिक से अधिक संपर्क बढ़ाने की कोशिश कर रही है ताकि इस तरह के मामलों को पकड़ा जा सके।
मोरनी में अफीम की खेती करने वाला गिरफ्त से बाहर
6 मार्च को सीएम फ्लाइंग की टीम ने गांव थानागांब में अफीम की खेती पकड़ी थी। इसके बाद टीम मौके पर पहुंची और अफीम के 2400 पौधों को कब्जे में लेकर आरोपी कमल के खिलाफ चंडीमंदिर थाने में मामला दर्ज किया था। आरोपी अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
कालका में घर के आंगन में की अफीम की खेती
कालका स्थित टिपरा गांव निवासी एक व्यक्ति ने अपने घर के आंगन में सब्जियों के बीच अफीम की खेती की हुई थी। जैसे ही इसकी जानकारी एंटी नारकोटिक्स सेल की टीम को लगी तो उन्होंने घर पर छापा मारा। पुलिस को मौके से 788 अफीम की पौधे बरामद हुए हैं। पुलिस ने आरोपी महिपाल के खिलाफ कालका थाने में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
हमारी टीमें सदैव सतर्क रहती हैं। क्राइम की टीमों को कालका और मोरनी में खासकर खेती करने वालों पर नजर रखने के आदेश दिया गया है।
- राज कुमार रंगा, एसीपी क्राइम