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Panchkula News: मोरनी के बाद कालका में भी अफीम की खेती, आंगन में उगाए थे 788 पौधे

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मोरनी से भी 2430 पौधे बरामद किए थे, कालका में पौधों का वजन 25 किग्रा निकला
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संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। मोरनी के बाद अब कालका के टिपरा गांव में भी अफीम की खेती करने का मामला सामने आया है। टिपरा में घर के आंगन में
सब्जियों और फूलों के बीच में अफीम के 788 पौधे उगाए गए थे। सूचना मिलते ही एंटी नारकोटिक्स सेल की टीम ने मंगलवार को छापा मारकर मुख्य आरोपी महिपाल पर मामला दर्ज कर उसको गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उसको अदालत में पेश किया, जहां से उसको न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
एंटी नारकोटिक्स सेल के इंचार्ज सुरेंद्र पाल ने बताया कि आरोपी पहले ट्रक ड्राइवर था। वह ट्रक लेकर 2021 में राजस्थान गया था। वहां से डोडे तोड़कर लाया था। इसके बाद आरोपी ने ट्रक छोड़कर ऑटो चलाना शुरू कर दिया। नवंबर 2022 में आरोपी ने आंगन में डोडे के बीज बो दिए। करीब तीन माह में अफीम के पौधे तैयार हो गए। इसके बाद वह पौधे से अफीम और चूरापोस्त बेचने की तैयारी में था। इससे पहले ही आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ गया। बताया जा रहा है कि आरोपी खुद भी अफीम का सेवन करता है।
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पुलिस ने आरोपी को ऐसे पकड़ा
पुलिस की टीम आरोपी के पहुंची तो उन्हें आंगन में सब्जियों और फूलों के मध्य अफीम के पौधे नजर आए। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को आवाज लगाई। उसने जैसे ही पुलिस की टीम को देखा तो भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उसे तुरंत काबू कर किया। इसके बाद मौके से स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी गई। मौके पर कालका के नोडल अधिकारी पहुंचे। नोडल अधिकारी ने अंदर जाकर जांच की तो पाया की कच्ची जगह में खड़ी सब्जी के साथ अफीम की काफी संख्या में पौधे लगे थे। आरोपी के घर के आंगन से 788 अफीम के पौधे बरामद हुए। पौधों का वजन करीब 25 किलोग्राम है। पुलिस ने पौधों को कब्जे में ले लिया है।

मोरनी में 135 किलोग्राम था पौधों का वजन
सीएम फ्लाइंग की टीम को सोमवार को मोरनी से भी अफीम के पौधे बरामद किए थे। वहां से बरामद 2430 पौधों का वजन करीब 135 किलोग्राम निकला। आरोपी कमल हरियाणा रोडवेज का ड्राइवर अभी फरार है। पुलिस ने वहां भी पौधे कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
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पंचकूला जिले के कालका, पिंजौर, मोरनी और रायुपररानी के चौकी इंचार्जों और एसएचओ को निर्देश दिया गया है कि वह अपने अपने क्षेत्र में गश्त बढ़ाएं और लोकल लोगों के साथ संपर्क बढ़ाए। इससे नशा तस्करों पर लगाम लगाई जा सके। -सुमेर प्रताप सिंह, डीसीपी पंचकूला।
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