पंचकूला। जिले में ऑनलाइन ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। पुलिस केस दर्ज करने तक ही सीमित रह गई है। हैकर्स ऑनलाइन आसानी से लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। साइबर ठग अलग-अलग तरीके इस्तेमाल कर लोगों की मेहनत की कमाई लूट रहे हैं। लोग न्याय के लिए भटकते नजर आते हैं। पुलिस लोगों को उनकी रकम दिलाने में नाकाम नजर आ रही है। पंचकूला में छह माह में 85 से ज्यादा ऑनलाइन ठगी और केवाईसी अपडेट करने के नाम पर धोखाधड़ी के मामले दर्ज किए हैं।
केस नंबर एक
23 जून को केवाईसी अपडेट करने के नाम पर व्यक्ति के खाते से 10 ट्रांजेक्शन में 3.90 लाख रुपये निकाल लिए। देवराज महाजन के बड़े बेटे आर्यन महाजन को फोन आया कि उनका केवाईसी अपडेट करना है। इसके बाद उनसे जानकारी लेने के बाद हर बार ओटीपी भेजकर साइबर ठग ने उनके अकाउंट से 3.90 लाख रुपये उड़ा दिए।
जब देवराज महाजन को इस मामले की जानकारी हुई तो उन्होंने पुलिस को शिकायत दी। साइबर पुलिस को भी मामले की शिकायत दी गई। शिकायत देने के बाद पुलिस मामले की जांच कर रही है। इसमें सिम क्लोनिंग कर पासवर्ड चुरा लिया गया था। क्लोनिंग सिम से यह ठगी की गई है। पुलिस ने बताया कि सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है।
केस नंबर -2
11 जनवरी को स्कैन कोड भेजकर हैकर्स ने 89 हजार की ठगी अनिल कुमार निवासी गांव बतौड़ से की। हैकर्स ने गूगल-पे के माध्यम से पैसे मांगे। इसके बाद हैकर्स ने पहले अनिल के अकाउंट पर 20 रुपये गूगल-पे भेजा। इसके बाद अनजान हैकर्स की तरफ से 14 हजार, 35 हजार और 40 हजार के अलग स्कैन कोड भेजे गए। इस पर अनिल की ओर से स्कैन कोड को स्कैन किया गया। इस दौरान उसके खाते से 89 हजार रुपये निकल गए। इसके बाद उसने नंबर बंद कर दिया। कई बार फोन करने के बाद भी मोबाइल बंद आया। पुलिस अभी केवल मामले की तफ्तीश कर रही है।
केस नंबर तीन
फ्लिपकार्ट से सामान डिलीवरी करने के नाम पर सेक्टर-19 निवासी अनमोल गिलहोत्रा ने बताया कि उनसे 80 हजार की ठगी हुई है। फ्लिपकार्ट से सामान की डिलीवरी के लिए उन्होंने बुकिंग की थी। पंचकूला मनसा देवी कांप्लेक्स-4 में उनका नेटजेंस सोफीच ऑफिस है। वह डिलीवरी के लिए अपने मनसा देवी कांपलेक्स के ऑफिस का पता फ्लिपकार्ट को लिखाया था। जब उनका आर्डर समय पर नहीं पहुंचा और उन्हें मैसेज आया कि आपका आर्डर नहीं पहुंचा है।
धोखे फ्रॉड से बचने के लिए बरतें ये सावधानियां
- अपना बैंक अकाउंट स्टेटमेंट समय समय पर जांचते रहें ।
- बैंक ट्रांजेक्शन के लिए एसएमएस और ई-मेल अलर्ट चालू रखें ।
- मोबाइल नंबर सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर विजिबल नहीं करें ।
- सिम पर लिख आईसीसी आईडी नंबर भी किसी को नहीं बताएं।
- बैककर्मी नहीं पूछते हैं आपकी सीक्रेट जानकारी ।
- गूगल पे में अगर आपके जान पहचान का नहीं है तो पेमेंट के लिए भेजे कोड केे स्कैन नहीं करें।
पुलिस की तरफ से साइबर मामले में केस दर्ज किए जा रहे हैं। लोगों को जागरूक किया गया है। लोग ऑनलाइन बैंकिंग का इस्तेमाल करने से पहले जागरूक हों। पुलिस की ओर से सभी केसों की जांच की जा रही है। साइबर सेल भी मामले को ट्रेस करने में लगी है। - मोहित हांडा, पुलिस उपायुक्त, पंचकूला पुलिस