सिविल अस्पताल में अपनी बारी का इंतजार करते मरीज। संवाद
पंचकूला। सेक्टर-6 सिविल अस्पताल में मरीज और तीमारदार बेहाल हैं। अव्यवस्थाओं के अस्पताल में मंगलवार को स्किन ओपीडी में कोई डॉक्टर ही नहीं था। इस कारण करीब तीन सौ मरीजों को लौटना पड़ा। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार दो डॉक्टरों में से एक की कालका ड्यूटी लगाई गई है, जबकि दूसरा डॉक्टर छुट्टी पर है। उधर मरीजों के अनुसार अन्य दिन भी 11 बजे के बाद स्किन ओपीडी की पर्ची नहीं बनाई जाती है। इसके अलावा तीन बजे के बाद डॉक्टर देखने से भी इनकार कर देते हैं।
स्किन ओपीडी की इस तरह के हालात से मरीज और तीमारदार बेहाल हैं। लोगों का कहना है कि दूर दराज से आने में देरी हो जाती है। 11 बजे के बाद पर्ची नहीं बनने के कारण लौटना पड़ता है। कालका से आए मरीज मोहम्मद सफीन ने बताया कि बुखार के डॉक्टर को दिखाया। इसके बाद स्किन के डॉक्टर नहीं होने पर फिर आना पड़ेगा। वहीं बरवाला से सुधीर सिंह ने बताया कि इलाज नहीं हो पाया है। पिंजौर से आई सुचेता सिंह ने बताया कि स्किन के डॉक्टर की जानकारी नहीं होने के कारण परेशानी हुई है।
मरीज अधिक होने के बाद 11 बजे के बाद नहीं बनती पर्ची
सेक्टर-6 सिविल अस्पताल में रोजाना स्किन के तीन सौ मरीज आ रहे हैं। डॉक्टर सुबह 11 बजे के बाद पर्ची बनवाने के लिए मना करते हैं। इस कारण भी लोगों को अस्पताल का चक्कर काटना पड़ता है। ओपीडी तीन बजे तक होने के बाद भी मरीजों को नहीं देखा जाता है। मंगलवार को बरवाला से इलाज कराने आए सचिन कुमार, रशिका ने बताया कि स्किन ओपीडी में इस तरह की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
मरीजों की संख्या बढ़ने के बाद दवा मिलने में लग रहे दो घंटे
मंगलवार को मरीजों की संख्या बढ़ने के बाद दवाई के काउंटर पर लोगों की भीड़ लगी रही। दवा लेने आए रजनीश कुमार ने बताया कि काउंटर पर टोकन सिस्टम होने के बाद भी दो घंटे का समय लगा। डॉक्टर को दिखाने के बाद यह समस्या बनी रही। इस कारण परेशानी हुई। रामगढ़ से आए सुरेश सिंह, रमेश सिंह ने बताया कि दवा मिलने में एक घंटे का समय लगा।
अस्पताल में अन्य ओपीडी चली है। स्किन ओपीडी के एक डॉक्टर की ड्यूटी रोस्टर के हिसाब से कालका में लगी थी। एक डॉक्टर छुट्टी पर थे। इसे मैं खुद चेक करूंगी और इसमें डॉक्टरों को जल्द तैनात किया जाएगा। -डॉ. मुक्ता कुमार, सीएमओ, सिविल अस्पताल सेक्टर -6