पंचकूला। कालका-पिंजौर नगर परिषद चुनाव में भाजपा ने कांग्रेस के चारों खाने चित कर दिए। भाजपा की मजबूत चुनावी दांव के आगे कांग्रेस समेत अन्य पार्टियों की एक नहीं चली। यही कारण है कि प्रत्याशी कृष्ण लाल लांबा ने भारी मतों से जीत हासिल कर भाजपा का परचम लहराया और कांग्रेस के दिग्गज नेताओं की लाख कोशिश के बाद भी चुनाव मैदान में उतरे आजाद कांग्रेसी नेताओं को हार का सामना करना पड़ा। इसी के साथ कृष्ण लाल लांबा नगर परिषद के पहले चेयरमैन होंगे।
भाजपा प्रत्याशी कृष्ण लाल लांबा को कुल 20829 वोट मिले और वह 6481 के मत से विजयी रहे। वहीं, कांग्रेस की आजाद प्रत्याशी पवन कुमारी को कुल 14348 वोट मिले। जबकि, पार्टी सिंबल पर उतरे आम आदमी पार्टी प्रत्याशी घनश्याम टगरा 7895 के साथ तीसरे स्थान पर रहे। मतगणना के पहले राउंड से लेकर अंत तक नगर परिषद प्रधान पद के भाजपा प्रत्याशी कृष्ण लाल लांबा ने बढ़त बनाए रखी।
उन्होंने मतगणना के दौरान पहले राउंड में 492 मत लेकर से कांग्रेसी नेता एवं आजाद प्रत्याशी पवन कुमारी को पटखनी दी। दूसरे राउंड में करीब 2103 मतों के अंतर से लांबा आगे निकल गए। पांचवें राउंड तक भाजपा प्रत्याशी ने अपनी जीत पक्की कर ली। बस मुहर लगनी बाकी थी। छठे और सातवें राउंड में भाजपा प्रत्याशी ने करीब 500 से 1000 मतों के अंतराल आग बढ़े और 7 से 14वें राउंड के मतगणना में भाजपा के लांबा ने हर राउंड में अच्छे अंतराल से मैदान को फतह कर लिया।
आपसी गुटबाजी का शिकार हुई कांग्रेस
कालका नगर परिषद चुनाव में भी कांग्रेस की गुटबाजी चरम पर रही। जिसका सीधा फायदा भाजपा को हुआ। चुनाव में कांग्रेस ने किसी भी प्रत्याशी को अपना समर्थन नहीं दिया। कांग्रेस के कालका विधायक प्रदीप चौधरी जहां पवन कुमारी का समर्थन कर रहे थे, वहीं पूर्व उपमुख्यमंत्री चंद्रमोहन एडवोकेट विजय बंसल की जीत के लिए चुनाव मैदान में जोर लगा रहे थे। जबकि, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ग्रुप से नवदीप शर्मा नवी चुनाव मैदान में थे। कांग्रेस में तीन फाड़ होने से पूरा पासा पटल गया और भाजपा ने जीत हासिल की। इसी के साथ कांग्रेस पार्टी में आपसी गुटबाजी के चलते कार्यकर्ताओं के हाथ निराशा लगी।
किस प्रत्याशी को कितने वोट मिले
1. कृष्ण लाल लांबा (भाजपा)- 20829
2. पवन कुमारी (आजाद)- 14348
3. घनश्याम टगरा (आप)- 7895
4. नवदीप शर्मा (आजाद)- 5776
5. विजय बंसल (आजाद)- 4853
6. सतेंदर सिंह टोनी (इनेलो)- 3771
7. चरण सिंह (आजाद)- 692
8. कुलदीप सिंह (बसपा)- 920
9. नोटा- 433