चंडीगढ़। हरियाणा के खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को अपने खेल में कोर्स करने के लिए एनआईएस (राष्ट्रीय क्रीड़ा संस्थान) पाटियाला नहीं जाना पड़ेगा। आगामी दो माह में एनआईएस की तर्ज पर ही हरियाणा के पंचकूला में खेल अकादमी शुरू कर ली जाएगी। अहम बात ये है कि 6 माह में ही यहां से विभिन्न खेलों में कोर्स भी शुरू कर लिए जाएंगे। यहां पर प्रशिक्षण के लिए विदेशी कोचों की भी सेवाएं ली जाएंगी, ताकि बेहतर खिलाड़ी और प्रशिक्षक तैयार होकर निकल सकें।
हाल ही में संपन्न हुए खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2021 के दौरान 14 जून को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने घोषणा की थी कि हरियाणा में खेल अकादमी खोली जाएगी। मुख्यमंत्री के इस ड्रीम प्रोजेक्ट को सिरे चढ़ाने के लिए खेल विभाग ने अपनी पूरी कार्ययोजना तैयार करके अमल करना शुरू कर दिया है। प्रारंभिक तौर पर पंचकूला के ताऊ देवीवाल स्टेडियम में ही यह अकादमी शुरू की जाएगी। फिलहाल अकादमी को ऑटोनामस बॉडी (स्वायत संस्था) बनाने की प्रक्रिया चल रही है, ताकि अकादमी खुद ही तमाम निर्णय ले सके। गौर हो कि यहां 200 खिलाड़ियों की व्यवस्था की जानी है, इसके लिए भी भवन चिन्हित करना शुरू कर दिया है। कोर्स के लिए पाठ्यक्रम से लेकर अन्य मसौदा तैयार करने के लिए खेल विभाग के आला अधिकारी एनआईएस पटियाला, साई समेत केंद्रीय खेल विभाग से भी संपर्क साध रहे हैं। खेल विभाग का दावा है कि आगामी 6 माह में यहां पर कोर्स शुरू कर लिए जाएंगे।
पंचकूला के बाद अब गुरुग्राम, हिसार और रोहतक में खोले जाएंगे खेल चोट केंद्र
सेक्टर-3 स्थित ताऊ देवी लाल स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में राज्य का पहला खेलचोट एवं पुनर्वास केंद्र शुरू हो चुका है। खेल विभाग की योजना है कि इसके बाद गुरुग्राम में यह केंद्र खोला जाएगा। इसके बाद रोहतक और हिसार में ऐसे ही पुनर्वास केंद्र खोला जाएगा। पूरे हरियाणा के खिलाड़ियों को चोट लगने के बाद अधिक दूरी पर न जाना पड़े, इसलिए मैपिंग के हिसाब यह केंद्र हरियाणा के चारों कोनों पर स्थापित करने का फैसला लिया गया है। खेल के दौरान लगी चोट के इलाज के लिए खिलाड़ी यहां पर सेवाएं ले सकेंगे।
कोट (फोटो सहित)
हरियाणा खेल अकादमी शुरू करने को लेकर तेजी से काम किया जा रहा है। हमारी कोशिश है कि 6 में यहां से कोर्स शुरू किए जाएं। अकादमी की स्थापना से लेकर पाठ्यक्रम आदि को लेकर तैयारियां की जा रही हैं। अकादमी स्थापित होने के बाद हरियाणा के खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को प्रशिक्षण के लिए एनआईएस पटियाला जाने की जरूरत नहीं रहेगी और वो अपने ही प्रदेश में बेहतर प्रशिक्षण ले सकेंगे। -आईपीएस पंकज नैन, खेल निदेशक, हरियाणा।