शिरडी जाने के लिए कालका से रवाना होने के चंद मिनटों बाद ही शिरडी र्साइं एक्सप्रेस पर माणकपुर रेलवे क्रॉसिंग के पास पथराव कर दिया गया।
शाम करीब 7.15 बजे कालका से ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के बाद केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा इसी ट्रेन में सवार थी। जीआरपी के एसपी ने घटना की पुष्टि करते हुए मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
खबर लिखे जाने तक मामला दर्ज नहीं हुआ था। चौंकाने वाली बात यह है कि कालका रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा कर्मियों की बड़ी संख्या में तैनाती होने के बावजूद घटना उस कोच में हुई, जिसमें मंत्री सवार थीं। पत्थर ट्रेन के पीछे की ओर से दूसरी बोगी में मारे गए।
ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के बाद कुमारी सैलजा इसी ट्रेन में सवार हो गईं। लेकिन, थोड़ा आगे जाने के बाद माणकपुर रेलवे क्रॉसिंग के पास एक के बाद एक दो पत्थर फेंके गए।
ट्रेन में पत्थर फेंके जाने से रेलवे और जीआरपी व आरपीएफ में हड़कंप मच गया और कालका जीआरपी के एसएचओ इंस्पेक्टर बलकार सिंह सहित अन्य पुलिस कर्मी भी मौके पर पहुंच गए।
इंस्पेक्टर बलकार सिंह ने बताया कि घटनास्थल से ट्रेन रवाना हो चुकी थी, लेकिन रेलवे की ओर से दिए गए मेमो में ट्रेन में पत्थर फेंके जाने की सूचना मिली है।
उन्होंने बताया कि माना जा रहा है कि बच्चों ने शायद ऐसा किया हो, लेकिन सभी पहलुओं की छानबीन की जा रही है। घटना के बाद ट्रेन चंडीगढ़, अंबाला होते हुए आगे के लिए रवाना हो गई।
ट्रेन की शुरुआत का पहला दिन होने की वजह से एक शिरडी जाने वाली यात्रियों की भी भीड़ थी। इस बोगी में पूर्व कांग्रेसी विधायक सहित कई कांग्रेसी नेता मौजूद थी।