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पांच साल से पहले टूटी सड़क तो नपेंगे अधिकारी, विकास के लिए मिलेंगे पार्षदों को एक-एक करोड़

Fri, 15 Nov 2019 04:31 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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चंडीगढ़ में बन रही सड़कें एक साल भी ठीक से नहीं चल रही हैं। वीरवार को नगर निगम सदन की बैठक में पार्षद काफी आक्रोशित दिखाई दिए। पार्षदों का आक्रोश देखकर कमिश्नर केके यादव ने स्पष्ट किया कि पांच साल से पहले सड़क टूटी तो टेंडर देने वाले अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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वहीं, ठेकेदार को भी ब्लैक लिस्टेड कर दिया जाएगा। कमिश्नर के इस फैसले पर पार्षदों ने भी सहमति जताई। सदन की बैठक में पार्षदों ने सवाल उठाया कि जिम्मेदार अधिकारी कंपनी तय करते हैं, उसके बाद ठेकेदार के कामकाज को भी देखते हैं, बावजूद इसके सड़क सालभर नहीं चलती और फिर से सड़क बनाने में करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं।

कमिश्नर ने कहा कि मैं कई प्रदेशों में कार्यरत रहा हूं। हर जगह आठ साल के बाद सड़क की मरम्मत किए जाने का प्रावधान है, जबकि चंडीगढ़ ही एक मात्र ऐसा शहर है, जहां पांच साल में फिर से सड़क बनाने का प्रावधान है। ऐसे में एक सड़क यदि पांच साल भी नहीं चलती तो यह बड़ी समस्या है।
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बैठक में तय किया गया कि सड़क बनने के बाद यदि पांच साल के अंदर टूटती है तो जिस अधिकारी के कार्यकाल में टेंडर दिया गया होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। वहीं, ठेकेदार को भी ब्लैक लिस्टेड कर दिया जाएगा। कमिश्नर के फैसले पर सभी पार्षदों ने सहमति जताई।

एक साल पहले बनी टूट गई सड़क की जांच शुरू

मनीमाजरा में हाउसिंग बोर्ड से शांतिनगर, ठाकुरद्वारा होते हुए गोबिंदपुर मार्ग का बुरा हाल है। जगह-जगह बने खड्डे आने जाने वाले लोगों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। कमिश्नर केके यादव ने पार्षद जगतार सिंह जग्गा के साथ मनीमाजरा का निरीक्षण किया तो देखा कि दो किलोमीटर तक का हिस्सा पूरी तरह से जर्जर है।

कमिश्नर ने जब एक्सईएन से जानकारी ली तो पता चला कि नवंबर 2018 में ही सड़क बनी थी। एक साल में ही सड़क जर्जर हो गई। कमिश्नर ने नाराजगी जताते हुए तत्काल उस समय टेंडर देने वाले अधिकारी के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। वहीं, ठेकेदार के खिलाफ भी जांच की आदेश दे दिए हैं। कमिश्नर ने स्पष्ट कहा कि हम बेहतर क्वालिटी की बात करते हैं और सड़क एक साल भी नहीं चल सकी। स्पष्ट है कि इसमें धांधली की गई है।

बकाया होने पर काम न करने वाली कंपनी होंगी ब्लैक लिस्टेड
भाजपा पार्षद शक्ति प्रकाश देवशाली ने कहा कि ठेकेदारों ने सड़क का काम करना बंद कर दिया है, ठेकेदारों का कहना है कि पेमेंट नहीं हुई। कमिश्नर ने मौके पर ही एसडीओ धर्मेंद्र शर्मा, रविंदर शर्मा और अजय गर्ग से पूछा कि आपके क्षेत्र में ठेकेदारों का कितना रुपया बकाया है। पता चला कि प्रत्येक के क्षेत्र में दो से तीन लाख का पेमेंट ही बकाया है। कमिश्नर ने कहा कि क्या ठेकेदार निगम के रुपयों से ही सड़क बनाएंगे। यदि ऐसा ही है तो ठेकेदारों को तत्काल ब्लैक लिस्टेड कर दें। कमिश्नर ने कहा कि निगम के पास कुछ ही बिल हैं तो फिर कैसे ठेकेदारों का पेमेंट नहीं हुआ।
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पार्षदों को एक-एक करोड़ का उपहार, वार्डों में बहेगी विकास की बयार

नगर निगम पार्षदों को एक-एक करोड़ रुपये का तोहफा मिल गया है। प्रशासन से मिले अतिरिक्त बजट में से प्रत्येक पार्षदों को अपने क्षेत्र में विकास कार्य कराने के लिए एक-एक करोड़ का अतिरिक्त बजट दिया जाएगा। यह फंड पार्षदों के वार्ड फंड के अलावा है। पार्षदों ने कमिश्नर केके यादव और मेयर राजेश कालिया के फैसले पर खुशी जाहिर की है।

फंड की कमी से जूझ रहे नगर निगम के पार्षद लगातार अपने क्षेत्र में विकास कार्य कराने की मांग कर रहे थे। कमिश्नर ने स्पष्ट कह दिया था कि उनके पास फंड नहीं है। उसके बाद मेयर व कमिश्नर के नेतृत्व में सभी पार्षद प्रशासक वीपी सिंह बदनौर से मिलने पहुंचे। जहां पार्षदों ने वार्डों की समस्या बताई तो उन्होंने कहा कि सभी पार्षदों का वार्ड फंड बढ़ाकर एक करोड़ कर दिया जाए। 

कमिश्नर ने प्रशासक को बताया कि हाल ही में वार्ड फंड की राशि 40 लाख से बढ़ाकर 80 लाख की गई है। प्रशासन की ओर से जो अतिरिक्त धनराशि मिल रही है वह शहर के विकास कार्यों के लिए ही है इसलिए इस राशि में से ही पार्षदों को वार्डों के विकास के लिए फंड उपलब्ध करा दिया जाएगा। उसी के तहत सदन की बैठक में कमिश्नर ने घोषणा कर दी कि सभी पार्षदों को उनके वार्ड में काम कराने के लिए एक-एक करोड़ रुपये दिए जाएंगे।
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