चंडीगढ़। अब पंजाब के युवाओं को रक्षा सेवाओं में भी अपना भविष्य बनाने का मौका मिल सकेगा। यह बात मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने होशियारपुर जिले में बनने वाले आर्म्ड फोर्सेज प्रिपरेटरी इंस्टीट्यूट का वर्चुअल रूप से नींव पत्थर रखते हुए कही। कैप्टन ने कहा कि 27 करोड़ रुपये की लागत से 12.75 एकड़ के क्षेत्रफल में इसे बनाया जा रहा है। इस संस्था में सालाना 270 उम्मीदवार प्रशिक्षण ले पाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नया बनने वाला यह इंस्टीट्यूट पंजाब के लड़के-लड़कियों के सेना में जाने के सपने को साकार करने में बहुत सहायक सिद्ध होगा। ऐसे समय जब हमारी महिला पायलट अफसर राफेल और हेलीकॉप्टर उड़ा रही हैं और रक्षा सेनाओं के हर क्षेत्र में सक्रियता के साथ शामिल हैं तो वह दिन भी जल्द ही आएगा जब भारत में हमारी लड़कियां भी बाकी मुल्कों की दूसरी लड़कियों की तरह सशस्त्र बलों का हिस्सा होंगी।
मुख्यमंत्री ने महाराजा रणजीत सिंह आर्म्ड फोर्सेज प्रिपरेटरी इंस्टीट्यूट, मोहाली द्वारा राज्य के युवा लड़कों के एनडीए या ऐसी अन्य अकादमी द्वारा सशस्त्र बलों में परमानेंट कमीशन के योग्य बनाने के लिए निभाई गई भूमिका की सराहना की। मुख्यमंत्री ने बताया कि एक अप्रैल, 2017 से 31 दिसंबर, 2020 तक इस अकादमी में प्रशिक्षण हासिल कर चुके 144 कैडेटों में से 97 एनडीए में शामिल हुए और 65 को अफसर के तौर पर कमीशन मिला।
रोजगार सृजन, कौशल विकास एवं प्रशिक्षण के सचिव राहुल तिवारी ने बताया कि नई बनने वाली संस्था में 40 उम्मीदवारों की क्षमता के साथ तीन-तीन महीने के समय के साथ एक साल में तीन कोर्स चलाएगी। इससे संस्था की प्रवेश परीक्षा प्रशिक्षण विंग के अंतर्गत सालाना 120 उम्मीदवारों को प्रशिक्षण हासिल होगा। इसी तरह एक अन्य सर्विस सिलेक्शन बोर्ड ट्रेनिंग विंग के अंतर्गत संस्था उन उम्मीदवारों को प्रशिक्षण देगी जिनको सर्विस सिलेक्शन बोर्ड में उपस्थित होने के लिए कॉल लेटर हासिल हो चुके हैं। यह संस्था साल में 30 विद्यार्थियों की क्षमता के साथ 8-8 हफ्तों के 5 कोर्स चलाएगी जिससे साल में 150 उम्मीदवारों को प्रशिक्षण मुहैया होगा।