चंडीगढ़। करोड़ों की चोरी के मामले में खेड़कीदौला पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर को फरार आईपीएस धीरज सेतिया ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए चुनौती दी है। याचिका पर हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब करने का आदेश दिया है।
गत वर्ष पांच अगस्त की रात को एक सोसायटी के दो फ्लैट से लगभग 30 करोड़ रुपये चोरी हो गए थे। यह पैसा अल्फाजी कार्प मैनेजमेंट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का था। छानबीन में सामने आया कि चोरी का मास्टरमाइंड गैंगस्टर विकास लगरपुरिया है। चोरी के बाद पैसे दिल्ली पुलिस के स्पेशल ब्रांच में तैनात एएसआई विकास के पास पहुंचाए गए थे। कुछ राशि दिल्ली के द्वारका इलाके के एक फ्लैट में भी पहुंचाई गई थी। आईपीएस धीरज सेतिया के पास उस दौरान गुरुग्राम में पुलिस उपायुक्त (क्राइम) की अतिरिक्त जिम्मेदारी थी। इसके बाद मास्टर माइंड के बयान के आधार पर धीरज सेतिया का नाम एफआईआर में शामिल किया गया था। इसी के खिलाफ अब सेतिया ने हाईकोर्ट की शरण ली है। याचिका में आरोप लगाया गया कि उसे इस मामले में फंसाया गया है। जांच दल के पास उसके खिलाफ कोई सबूत नहीं है। यह मामला सामने आने के बाद गुरुग्राम के पूर्व डीसीपी सेतिया को हरियाणा सरकार ने निलंबित कर दिया था। इस मामले में आईपीएस धीरज सेतिया को एसटीएफ ने आरोपी बनाया है और उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम और आईपीसी की धारा 411 को जोड़ा गया था। इसी एफआईआर को रद्द करने की मांग को लेकर आईपीएस धीरज सेतिया हाईकोर्ट पहुंचे हैं। एसटीएफ ने आईपीएस से पूछताछ के लिए दो बार नोटिस भी भेजा था, लेकिन वे जांच में शामिल होने के लिए नहीं पहुंचे।