हरियाणा में कांग्रेस के राज्यसभा सीट के प्रत्याशी अजय माकन की याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने भारतीय चुनाव आयोग, राज्य सभा सांसद कार्तिकेय शर्मा और कृष्ण लाल पंवार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
याचिका दाखिल करते हुए माकन ने कहा कि राज्यसभा चुनाव में उनके व निर्दलीय उम्मीदवार कार्तिकेय शर्मा के बीच टक्कर थी। उन्होंने बताया कि उन्हें जीत के लिए 30 वोट चाहिए थे। सभी को विश्वास था कि यह 30 वोट माकन के पक्ष में होंगे। इसके बाद एक वोट को अवैध करार दे दिया गया। याचिका में कहा गया कि एक वोट निर्दलीय प्रत्याशी को दिया गया जो अवैध था लेकिन इसे वैध मान लिया गया। प्रक्रिया के तहत तय स्थान पर एक के निशान को नहीं लिखा गया था, जिसके चलते इसे अवैध घोषित किया जाना चाहिए था।
उस दौरान कांग्रेस की ओर से चुनाव एजेंट बीबी बत्तरा ने लिखित में आपत्ति दर्ज कराई थी। आपत्ति दर्ज करवाते हुए कहा गया था कि नियम के अनुसार तय स्थान के अतिरिक्त किसी अन्य स्थान पर निशान दर्ज होने की स्थिति में वोट को रद्द मानना चाहिए। रिटर्निंग आफिसर ने बिना कोई वैध कारण बताए आपत्ति को खारिज कर दिया था। याची पक्ष की ओर से कहा गया कि आपत्ति पर तय नियम के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए थी जो नहीं की गई। अगर आपत्ति पर नियम अनुसार कार्रवाई होती तो उस स्थिति में वोट को रद्द माना जाता और याची की जीत होती।
याची ने हाईकोर्ट से अपील की कि कार्तिकेय शर्मा का निर्वाचन रद्द करने का आदेश जारी किया जाए। साथ ही याचिका लंबित रहते चुनाव से जुड़ा रिकॉर्ड सुरक्षित किया जाए। हाईकोर्ट ने याची पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद याचिका पर सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया है।