मनीमाजरा का नाम बदलकर सेक्टर-13 करने के फैसले पर जिला अदालत ने बुधवार को सुनवाई के दौरान यूटी प्रशासन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। प्रशासन के साथ मनीमाजरा की रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन मॉडर्न हाउसिंग कांप्लेक्स को भी नोटिस जारी किया गया है। अदालत ने प्रशासन को 20 जनवरी तक जवाब देने के लिए कहा है। दरअसल, लॉयर्स फॉर ह्यूमेनिटी की ओर से मंगलवार को अदालत में याचिका दायर कर मनीमाजरा का नाम बदलकर सेक्टर-13 करने को चुनौती दी गई थी।
याचिका में कहा गया कि मनीमाजरा नाम से वहां के निवासियों की भावनाएं जुड़ी हैं। मनीमाजरा ऐतिहासिक शहर है, इसमें राजा-महाराजाओं का एक अपना इतिहास है। यहीं के राजा ने माता मनसा देवी मंदिर का निर्माण करवाया था। मनीमाजरा के राजा की 48 गांवों पर रियासत थी, जोकि एक तरफ मुल्लांपुर गरीब दास और दूसरी ओर पिंजौर घग्घर किनारे तक रियासत थी। मनीमाजरा 600 साल पहले गरीब दास द्वारा स्थापित किया गया था।
याचिका में कहा गया कि मनीमाजरा का एक सामाजिक और धार्मिक महत्व है, क्योंकि यहां पर मनसा देवी की प्रसिद्ध पीठ स्थित है। चंडीगढ़ प्रशासन ने लोगों की भावनाओं और वहां की ऐतिहासिकता को नजरअंदाज किया है। यहां प्रसिद्ध माता राज कौर जी गुरुद्वारा है, जिन्होंने इस शहर को रियासत बनाया था। यह गुरुद्वारा मनीमाजरा किले में स्थित है। मनीमाजरा स्थित गुरुद्वारा कुहुनी साहिब ऐतिहासिक पृष्ठभूमि श्री गुरु गोबिंद सिंह के रूप में है, जहां वह आए थे। यहां पर भगवान राम, सीता और हनुमान को समर्पित ठाकुरद्वारा स्थित है।
याचिका में यह भी उल्लेख किया गया कि मनीमाजरा केवल एक नाम नहीं है, बल्कि एक महान ऐतिहासिक पृष्ठभूमि थी। यह कहा गया था कि अधिकारी सभी तथ्यों की अनदेखी कर रहे हैं। स्थानीय लोगों की भावनाओं को इससे ठेस पहुंच रही है।