बीते सप्ताह शुक्रवार को 14 वर्षीय बच्ची से छेड़छाड़ और रेप के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। महिला थाना पुलिस द्वारा प्राथमिकी तौर पर केस दर्ज करने के बाद इन्वेस्टिगेशन के दौरान पीड़िता के 164 के बयान दर्ज करवाए गए। इस दौरान पीड़िता बयानों में उससे छेड़छाड़ और रेप किए जाने की शिकायत से मुकर गई। उसने कहा कि न तो उससे कोई छेड़छाड़ हुई है और न ही किसी ने उससे रेप किया है। पीड़िता का मेडिकल भी कराया गया था लेकिन मेडिकल रिपोर्ट में भी उससे रेप या किसी अन्य प्रकार की ज्यादती होने की बात सामने नहीं आई है। जबकि शुरूआती तौर पर पीड़िता के परिजनों ने जिस युवक पर छेड़छाड़ व रेप के आरोप लगाए थे, वह स्वयं गंभीर रूप से घायल था। केस दर्ज किए जाने के बाद पुलिस आरोपी को अरेस्ट करने पहुंची तो पता लगा कि वह सिविल अस्पताल सेक्टर-6 में भर्ती है। पुलिस वहां पहुंची तो घायल की गंभीर हालत देखकर सकते में थी। लेकिन वह कैसे घायल हुआ और उस पर किन लोगों ने हमला किया, इस संबंध में न तो स्वयं घायल ने ही पुलिस को कोई बयान दिए और न ही उसके परिजनों ने। नतीजतन मामला पेचीदा बनता चला गया। उधर, पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट में रेप की पुष्टि नहीं हुई, साथ ही 164 के बयानों में पीड़िता युवक पर लगाए आरोपों से मुकर गई।
यह था मामला:
14 वर्षीय बच्ची से रेप की सूचना पर सेक्टर-5, महिला थाना पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल करवाकर आरोपी पर रेप व पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। महिला पुलिसकर्मियों ने पीड़िता से दोस्ताना माहौल में बातचीत कर आरोपी के संबंध में जानकारी हासिल करने का प्रयास किया। दरअसल, जिले के एक गांव निवासी पीड़िता बीते सप्ताह शुक्रवार को मां-बाप सहित महिला थाने पहुंची थी।