हरियाणा रोडवेज की बसों में रक्षाबंधन पर महिलाएं मुफ्त यात्रा नहीं कर पाएंगी। कोरोना के कारण सरकार ने यह निर्णय लिया है। इस बार महिलाओं को किराया देकर यात्रा करनी होगी। सरकार के फैसले के साथ ही विरोध भी शुरू हो गया है। हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन ने मुफ्त यात्रा सुविधा जारी रखने का आग्रह किया है।
परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा ने बताया कि कोरोना के केस प्रदेश में बढ़ रहे हैं। इसके चलते केंद्र और प्रदेश सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक महिलाओं को इस बार रोडवेज बसों में रक्षाबंधन पर फ्री यात्रा का फायदा नहीं दे सकेंगे। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना है।
जिसके चलते बसों में फ्री सफर की सुविधा की इजाजत नहीं है। बसों में फिलहाल सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए 30 सवारियों के ही बैठने की व्यवस्था की जा रही है। काफी जगह पर बहुत कम बसें ही सड़कों पर उतर पाई हैं। जिस वजह से परिवहन विभाग को करोड़ों रुपये का घाटा हुआ है।
14 साल से मिल रही सुविधा
14 सालों से लगातार सरकार की तरफ से महिलाओं के लिए रक्षाबंधन पर हरियाणा रोडवेज विभाग की तरफ से फ्री बस यात्रा की सुविधा दी जाती है। इसमें महिलाओं के साथ बच्चों को भी फ्री यात्रा करने की सुविधा मिलती है। इस योजना का शुभारंभ तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने किया था।
फ्री यात्रा सुविधा जारी रखें सरकार : यूनियन
हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन ने महिलाओं की फ्री यात्रा सुविधा वापस लेने पर नाराजगी जताई है। साथ ही रोडवेज का घाटा पूरा करने के लिए सरकार से 850 करोड़ रुपये का पैकेज देने की मांग की है। यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष इंद्र सिंह बधाना, प्रदेश महासचिव सरबत सिंह पूनिया व प्रेस प्रवक्ता श्रवण कुमार जांगड़ा ने कहा कि सरकार का कदम महिला विरोधी है।
रक्षाबंधन के त्योहार पर महिलाओं की फ्री यात्रा सुविधा जारी रखी जाए। मानी गई मांगों को जल्दी लागू नहीं किया गया तो रोडवेज कर्मचारी तालमेल कमेटी के आह्वान पर 4 अगस्त को सभी डिपो में प्रदर्शन किया जाएगा। 7,11,18 व 25 अगस्त को डिपो में धरने दिए जाएंगे।