धूप-बरसात में परेशानी, पानी-शौचालय तक नहीं बड़े बस अड्डे की उठी मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
रामगढ़। रामगढ़ कस्बे में बस स्टैंड न होने से यात्री खुले आसमान के नीचे बसों का इंतजार करने को मजबूर हैं। धूप-बरसात में परेशानी झेल रहे लोगों ने पानी और शौचालय जैसी मूल सुविधाओं के अभाव के बीच बड़े बस अड्डे की मांग उठाई है।
राष्ट्रीय राजमार्ग-7 पर स्थित पंचकूला जिले के सबसे बड़े कस्बों में शामिल रामगढ़ से हर रोज हजारों लोग आवाजाही करते हैं, लेकिन यहां बस स्टैंड की सुविधा नहीं है। यात्रियों को सड़क किनारे खड़े होकर बसों का इंतजार करना पड़ता है, जिससे दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है।
रामगढ़ से डेराबस्सी, अंबाला, दिल्ली, हिसार, नाहन, देहरादून, यमुनानगर, शिमला और अमृतसर सहित कई शहरों के लिए बसें मिलती हैं। घग्गर पार के 8-10 सेक्टरों के लोग भी इसी स्थान पर निर्भर हैं। बावजूद इसके यहां न तो बैठने की व्यवस्था है और न ही पेयजल व शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार को कई बार बस स्टैंड निर्माण की मांग भेजी गई, लेकिन अब तक सिर्फ आश्वासन ही मिले हैं। उनका मानना है कि बड़े स्तर का बस अड्डा बनने से हजारों यात्रियों को राहत मिलेगी और सड़क पर बसों के खड़े होने से होने वाले हादसों का खतरा भी कम होगा।
समाजसेवी राजेश शर्मा ने सरकार से जल्द बस स्टैंड निर्माण की मांग की है। हैप्पी सैनी और बलजिंद्र सिंह सैनी ने कहा कि बस स्टैंड बनने से यात्रियों को बैठने, पेयजल और शौचालय जैसी सुविधाएं मिल सकेंगी।
जमीन पर टिका दारोमदार
हरियाणा राज्य परिवहन विभाग के महाप्रबंधक सुखदेव सिंह ने बताया कि बस अड्डा बनाने के लिए नगर निगम से जमीन मांगी गई है। लोक निर्माण विभाग के जेई तरुण शर्मा ने कहा कि जमीन मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।