पंचकूला। सेक्टर-6 सिविल अस्पताल के गाइनी वार्ड में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की लापरवाही से एक मां के पेट में नवजात बच्चे की मौत हो गई। शिकायतकर्ता दीपक शर्मा ने आरोप लगाया कि अस्पताल के गाइनी वार्ड में डॉक्टरों और स्टाफ नर्स ने उनकी पत्नी सुमन शर्मा की सही तरीके से देखरेख नहीं की गई है। इतना ही नहीं, परिवार का यह भी आरोप है कि डिलीवरी के वक्त वहां डॉक्टर भी नहीं थे। इस कारण बच्चे की मौत हो गई है। महिला के पति ने इसकी शिकायत सेक्टर-6 सिविल अस्पताल के पीएमओ सरिता यादव और सीएमओ डॉ. जसजीत कौर को दी है।
शिकायतकर्ता सेक्टर-21 महेशपुर निवासी दीपक शर्मा ने बताया कि उन्होंने पत्नी सुमन शर्मा को 21 जून को अस्पताल में भर्ती कराया था। तब करवाए मेडिकल में बच्चा स्वस्थ था और नवजात बच्चे की हार्ट बीट भी चल रही थी। सुमन को रात में 10 बजे डिलीवरी कराने के लिए इंजेक्शन दिया गया। इसके बाद सुमन शर्मा का दर्द बढ़ गया। इसके बाद गाइनी वार्ड का स्टाफ सो गया। सुमन के परिजनों ने उन्हें कई बार जगाया लेकिन इसमें से कोई उठकर नहीं आया, बस इतना ही कहा कि अभी इंतजार करो, क्योंकि डिलीवरी में समय लगेगा। सुबह स्टाफ ने सुमन का चेकअप करने के बाद अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए लिखा। जब अल्ट्रासाउंड लेवल टू का करवाया तो बच्चे की हार्ट बीट नहीं चल रही थी। इसके बाद बच्चे की डिलीवरी करवाई गई तो नवजात की मौत हो गई।
इस बारे में सरिता यादव, पीएमओ, सिविल अस्पताल सेक्टर-6 ने कहा कि मामले हमारे संज्ञान में है। इसकी जांच के लिए चार सदस्यीय कमेटी गठित कर दी गई है। जिसकी भी लापरवाही सामने आएगी। उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी हो चुकी है मौत
2018 में आशा वर्कर और उसके बच्चे की मौत का मामला सामने आया था। इसमें भी डॉक्टर की ओर से लापरवाही बरती जाने की बात सामने आई है।
परिजनों ने रिपोर्ट मांगी तो कहा पांच दिन में देंगे रिपोर्ट
दीपक ने बताया कि अस्पताल के स्टाफ से रिपोर्ट मांगी तो डॉक्टरों और स्टाफ ने अभद्रता करते हुए कहा कि रिपोर्ट पांच दिन बाद मिलेगी। इस दौरान अस्पताल में इलाज कराने आए खेल मंत्री संदीप सिंह को पीड़ित ने शिकायत की। इस पर उन्होंने सीएमओ डॉ. जसजीत कौर से रिपोर्ट नहीं देने का कारण पूछा तो अस्पताल प्रबंधन ने पीड़ित से एप्लीकेशन लेने के बाद रिपोर्ट की फोटो कॉपी उपलब्ध करवा दी। इसमें बच्चे की हार्टबीट भी चल रही है। शिकायतकर्ता दीपक शर्मा ने बताया कि 15 साल बाद वो तीसरी बार पिता बनने वाले थे।पंचकूला सिविल अस्पताल की सीएमओ डॉ. जसजीत कौर ने बताया कि मामले की जांच की जा रही हैं। इसमें सभी पहलुओं को जांचा जा रहा है।