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ड्राईपोर्ट के रूप में इस्तेमाल हो सकता है हिसार एविएशन हब

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चंडीगढ़। हिसार में सरकार द्वारा तैयार किए जा रहे एविएशन हब का इस्तेमाल ड्राईपोर्ट के रूप में भी हो सकता है। इसकी भी संभावनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है। उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने बताया कि प्रस्तावित विमानन हब का उपयोग ड्राईपोर्ट के रूप में भी किया जा सकता है, क्योंकि केंद्र द्वारा दिल्ली-सिरसा आर्थिक कॉरिडोर और रोहतक-रेवाड़ी लिंक के जरिये दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर (डीएमआईसी) को जोड़ने की संभावनाओं के साथ भारतमाला परियोजना में हिसार को शामिल किया है।
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उपमुख्यमंत्री ने बुधवार को विमानन उद्योग से जुड़ी कंपनियों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बातचीत की। युवाओं के लिए प्रशिक्षण की सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए अब यहां पर सिम्युलेटर भी स्थापित किया जाएगा। उन्होंने नागरिक उड्डयन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे इस योजना पर शीघ्रता से कार्य करने के लिए सभी हितधारकों के साथ नियमित बैठकें करें। वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बातचीत के दौरान एयरबस, विस्तारा, स्पाइसजेट, ईएनटीसी और इंडिगो जैसी कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
उल्लेखनीय है कि हरियाणा सरकार प्रदेश की हवाई पट्टियों के विस्तार एवं कामर्शियल पायलट के प्रशिक्षण के लिए सुविधाएं बढ़ाने के लिए भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण (एएआई) के साथ पहले ही एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर कर चुकी है। नागरिक उड्डयन विभाग के 2020-21 के बजट में 311 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि करते हुए इसे 42.09 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 173.07 करोड़ रुपये किया गया है। चौटाला ने बताया कि सरकार ने हिसार की मौजूदा हवाई पट्टी के पास 4,200 एकड़ जमीन आरक्षित कर दी है। जिसका उपयोग परियोजना के विस्तार के लिए किया जा सकता है। अंतरराष्ट्रीय मानक के हवाई अड्डे के साथ 9,000 फुट रनवे, एयरलाइंस और जनरल एविएशन (जीए) ऑपरेटरों के लिए पर्याप्त पार्किंग, रखरखाव, मरम्मत और ओवरहाल (एमआरओ) सुविधाएं, एयरोस्पेस विश्वविद्यालय, पायलटों, इंजीनियरों और ग्राउंड हैंडलिंग स्टाफ के लिए ग्लोबल ट्रेनिंग सेंटर और आवासीय और वाणिज्यिक विकास की योजनाएं शामिल हैं।
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