चंडीगढ़। हरियाणा में निवेश एवं रोजगार बढ़ाने के लिए सरकार निरंतर नए अवसर तलाश रही है। हरियाणा को डाटा सेंटर हब के रूप में विकसित करने की योजना पर कार्य शुरू कर दिया गया है। सरकार जल्दी नई डाटा सेंटर नीति लेकर आएगी और विदेशी कंपनियों के डाटा सेंटर राज्य में स्थापित करेगी। नई नीति के लिए उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से कई बड़ी कंपनियों से सुझाव लिए हैं।
चौटाला ने बताया कि वर्तमान में बहुत सारी विदेशी कंपनियां भारत में अपना डाटा सेंटर बनाना चाहती हैं। इसलिए सरकार राज्य को देश का एक बड़े डाटा सेंटर हब के रूप में विकसित करने की ओर बढ़ रही है। इसके लिए नई नीति आएगी, जिसका ड्राफ्ट तैयार किया जा रहा है। नई नीति के लिए देश की जानी-मानी करीब डेढ़ दर्जन बड़ी कंपनियों के प्रतिनिधियों के सुझाव ले लिए गए हैं।
जुलाई में लागू हो जाएगी नई डाटा सेंटर नीति
उम्मीद है कि जुलाई माह में नई डाटा सेंटर नीति लागू हो जाएगी। उन्होंने बताया कि उद्योगों में डाटा सेंटर एक नया क्षेत्र है, इससे राज्य को निवेश एवं रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। नई नीति बनने से फरीदाबाद, साइबर सिटी गुरुग्राम जैसे हरियाणा के बड़े शहरों में डाटा सेंटरों को और बढ़ावा मिलेगा। यही नहीं मुंबई जैसे बड़े शहरों से भी डाटा सेंटर को हरियाणा आने के लिए आकर्षित किया जाएगा।