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पंजाब में पहली बार ई-अदालत के रूप में होगी राष्ट्रीय लोक अदालत

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चंडीगढ़। कोरोना महामारी को देखते हुए पंजाब में पहली बार राष्ट्रीय लोक अदालत को ई-अदालत के रूप में आयोजित किया जाएगा। 12 दिसंबर को इन अदालतों का आयोजन पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के कार्यकारी चेयरमैन और न्यायाधीश डॉ. जस्टिस एस मुरलीधर की निगरानी में होगा। कोविड के कारण लोगों के बीच सामाजिक दूरी बनी रहे इसको ध्यान में रखते हुए पंजाब राज्य कानूनी सेवा अथॉरिटी ने यह फैसला किया है।
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जिला सेशन जज और पंजाब राज्य कानूनी सेवाएं अथॉरिटी के सदस्य सचिव जस्टिस अरुण गुप्ता ने रविवार को बताया कि अथॉरिटी ने कोरोना वायरस फैलने के कारण सामाजिक दूरी बनाए रखने के मद्देनजर ई-लोक अदालत आयोजित करने का फैसला किया है। लोग राष्ट्रीय लोक अदालत में अपनी शिकायतों के निपटारे के लिए अपने संबंधित जिले के फ्रंट कार्यालयों या सचिव, जिला कानूनी सेवाएं अथॉरिटी के साथ संपर्क कर सकते हैं। किसी भी कानूनी सहायता के लिए लोग टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1968 पर पंजाब राज्य कानूनी सेवाएं अथॉरिटी के साथ संपर्क कर सकते हैं।
26977 केसों के हल होने की संभावना
राष्ट्रीय लोक अदालतों में बेंच के सदस्य की तरफ से संबंधित पक्ष को उनके विवादों को सभ्यक ढंग से निपटाने में सहायता की जाती है। यदि विवाद सुलझ जाता है तो अदालत की फीस वापस कर दी जाती है। लोक अदालत में पास किया गया आदेश अंतिम होता है। इसके विरुद्ध अपील नहीं की जा सकती। इस राष्ट्रीय लोक अदालत में लगभग 349 बेंचों का गठन किया जाना है और लगभग 26,977 मामलों का सभ्यक ढंग के साथ निपटारा होने की आशा है।
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इन केसों की होती है लोक अदालत में सुनवाई
लोक अदालत में जिन मामलों की सुनवाई की जाती है उनमें धारा 138 अधीन एनआई एक्ट, बैंक रिकवरी वाले केस, लेबर विवाद केस, बिजली और पानी के बिलों (नॉन-कंपाउंडेबल को छोड़कर) और अन्य (क्रिमिनल कंपाउंडेबल, विवाह संबंधित और सिविल विवाद) केस शामिल हैं। मेंबर सचिव ने कहा कि कोई भी व्यक्ति धारा 138 वाले मामले, बैंक रिकवरी केस, एमएसीटी केस, लेबर विवाद केस, बिजली और पानी के बिलों (नॉन-कंपाउंडेबल को छोड़कर), विवाह संबंधित विवाद, भूमि अधिगृहण के केस, वेतन और भत्ता और रिटायरमेंट लाभ के साथ जुड़े सेवा के मामले, राजस्व मामले (सिर्फ जिला अदालत और उच्च अदालत में लंबित हैं) और अन्य सिविल केस (किराया, पदाधिकार, इंजंक्शन सूट, स्पैसेफिक परफॉरमेंस वाले मुकदमे) जैसे अदालत में लटक रहे केस के लिए लोक अदालत में संपर्क कर सकता है।
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