पंचकूला। विशेष सीबीआई अदालत ने इनेलो के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष और पूर्व विधायक नफे सिंह राठी और उनके साथी जयकिशन दलाल की हत्या मामले में आरोपी धर्मेंद्र की दूसरी नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि अपराध की गंभीरता को देखते हुए जमानत नहीं दी जा सकती।
अदालत ने यह भी बताया कि धर्मेंद्र पहली जमानत अर्जी जुलाई 2025 में भी खारिज हो चुकी थी। उस दौरान न तो रिमांड पर आपत्ति जताई गई और न ही गिरफ्तारी की वैधानिकता पर सवाल उठाया गया। अदालत ने कहा कि आरोपी को सभी कानूनी सहायता उपलब्ध कराई गई और उसने पहली जमानत अर्जी में सभी तर्क रखे।
आरोप और गिरफ्तारी
धर्मेंद्र पर गंभीर आरोप हैं। वह 7 मार्च 2024 से न्यायिक हिरासत में है। अदालत ने कहा कि अपराध की गंभीरता, उपलब्ध साक्ष्य और आरोपी की पृष्ठभूमि को ध्यान में रखते हुए जमानत देने से इनकार किया गया।
अन्य आरोपी और फरार बदमाश
इस मामले के अन्य आरोपी आशीष उर्फ बाबा, सचिन उर्फ सौरभ, धर्मेंद्र और अमित गुलिया पहले ही जेल में बंद हैं। 1 सितंबर को इन्हें वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश किया गया था। आरोप तय किए जाने के दौरान सभी ने खुद को निर्दोष बताया। वहीं, यूके में बैठे कुख्यात अपराधी कपिल सांगवान उर्फ नंदू, शूटर अतुल गुलिया, नकुल सांगवान और खुशप्रीत लाठर अभी भी फरार हैं। अदालत ने उन्हें पहले ही भगोड़ा घोषित किया है।