नगर निगम के अधिकारियों की मिलीभगत से माजरी चौक में हुडा द्वारा अधिग्रहीत की गई जमीन पर बनी एक दुकान को लाल डोरे में दिखाकर रजिस्ट्री करवाने के मामले में हुडा को कोर्ट में रजिस्ट्री कैंसल करवाने के आवेदन और इस मामले में संलिप्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं। यह आदेश जिला लोक संपर्क और कष्ट निवारण समिति की बैठक में सहकारिता मंत्री कविता जैन ने दिए है।
इस मामले में इनेलो के पूर्व जिलाध्यक्ष मनोज अग्रवाल ने जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक और सीएम विंडो पर शिकायत दी थी। शिकायत के बाद जिला राजस्व अधिकारी धीरज चहल ने जांच की। जांच रिपोर्ट में पाया गया है कि जिस जमीन पर बनी दुकान की रजिस्ट्री की गई है वह जमीन हुडा द्वारा वर्ष 1974 में अधिग्रहीत की जा चुकी थी। इसका मुआवजा भी तीन बार लिया जा चुका है।
खसरा नंबर 21-1 में स्थित यह दुकान पहली बार 5 नवंबर 2014 को जसविंदर सिंह ने सोनू शर्मा को बेचा। जिसकी कीमत छह लाख 55 हजार 100 रुपये थी। इसमें दो लाख रुपये का ड्राफ्ट और बाकी रकम कैश दी गई। दोबारा यह दुकान जनवरी 2015 में सोनू शर्मा ने मधुबाला पत्नी विजयपाल को बेच दी। यह दुकान नौ सौ रुपये बढ़ाकर छह लाख 56 हजार रुपये में सेल की गई। यह सारी रकम नकद दिखाई गई। जसविंदर सिंह ने इस जगह की मिलकियत को लेकर हुडा पर कोर्ट में केस भी किया पर कोर्ट ने जमीन का वारिस शहरी संपदा विभाग पंचकूला को करार दिया था।
माजरी चौक की इस दुकान के मामले में जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
मुनीष लोहान, इस्टेट अधिकारी हुडा पंचकूला