पंचकूला। नगर निगम की आम बैठक में सोमवार को कई विभागों के अधिकारी अनुपस्थित थे। अधिकारियों के ना पहुंचने पर मेयर कुलभूषण गोयल ने कड़ा संज्ञान लेकर संबंधित विभागाध्यक्षों को चिट्ठी लिखकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। मेयर ने नाराजगी प्रकट कर कहा कि जब अधिकारी निगम की आम बैठक मेें ही नहीं आते हैं, तो क्या काम करते होंगे। इस बैठक में बिजली निगम, एचएसवीपी, शिक्षा विभाग, पीडब्ल्यूडी, एनएचएआई से संबंधित कई मुद्दे उठे।
इस पर मेयर ने इन विभागों से अलग बैठकें आयोजित करवाने के निर्देश दिए। आम बैठक में 18 मुद्दों पर चर्चा हुई और उनको सर्वसम्मति से पास कर दिया गया। डीएमसी दीपक सुरा ने प्रस्ताव सदन के समक्ष रखे, जिन पर बारी-बारी से विचार-विमर्श हुआ। बैठक में बताया गया कि नई कंपनी डोर टू डोर जाकर गीला और सूखा कूड़ा अलग-अलग उठाएगी। कूड़ा उठाने वाला प्रत्येक घर से 100 से लेकर 300 रुपये लेता थे, अब यह व्यवस्था बंद हो जाएगी और आने वाले 15 दिनों में डोर टू डोर कूड़े का उठान शुरू हो जाएगा। बैठक में गांव टोका और गांव बीड़ घग्घर में नए सामुदायिक केंद्र बनाने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। बैठक में सिटीजन चार्टर लागू करने को लेकर भी चर्चा हुई। इस पर सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि राइट टू सर्विस एक्ट लागू किया जाएगा।
पंचकूला शहर की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त व प्रभावी बनाने को लेकर देश के अन्य सुंदर शहरों का दौरा किए जाने के मुद्दे पर फैसला लिया गया कि पुणे और इंदौर शहर का भ्रमण पार्षद और अधिकारी करेंगे और इसके लिए दो ग्रुप बनाए जाएंगे। निगम क्षेत्र के वार्ड नंबर 1 व 2, सेक्टर 25-26 डिवाइडिंग रोड, सेक्टर 7-8, 25-24, 11-12, 14-12ए, 16-17, 9-16, 10-15, 11-14 की सड़कों की स्थिति खराब होने के कारण सड़कों की रिपेयर के टेंडर लगाए जाने के मुद्दे को भी सर्वसम्मति से पास कर दिया गया। यह फैसला लिया गया कि करीब 11 करोड़ रुपये के टेंडर लगाकर सड़कों की रिपेयर का काम किया जाएगा।
शहर की पेड पार्किंग 15 दिन के लिए सस्पेंड
नगर निगम की बैठक में सेक्टर-8, 9, 10, 14 और 20 की पार्किंग को 15 दिनों के लिए सस्पेंड करने का फैसला लिया गया है। पार्किंग मामले में निर्णय लेने के लिए ज्वाइंट कमिश्नर की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया है। इसमें पार्षद गौतम प्रसाद, रितु गोयल, सुनीत सिंगला को शामिल किया गया। यह कमेटी 15 दिन में चर्चा करके इस मामले में कोई फैसला लेगी। बैठक में वीटा बूथ के बाहर हो रहे अतिक्रमण पर फैसला लिया गया है कि यदि कोई वीटा बूथ के बाहर सामान रखता है, तो इसे अतिक्रमण माना जाएगा और वहां से हटाया जाएगा।