13 मई के 22 सूत्रीय समझौते को लागू नहीं करने पर भड़का गुस्सा, सेक्टर-14 निगम कार्यालय के बाहर किया प्रदर्शन
कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, जोखिम भत्ता देने और ठेका प्रथा खत्म करने समेत कई मांगें उठाईं
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। 13 मई 2026 को सरकार के साथ हुए 22 सूत्रीय समझौते को लागू नहीं किए जाने के विरोध में हरियाणा के नगर पालिका, परिषद और निगम कर्मचारियों का आंदोलन मंगलवार को सातवें दिन भी जारी रहा। नगरपालिका कर्मचारी संघ, हरियाणा के आह्वान पर कर्मचारियों ने सेक्टर-14 स्थित नगर निगम कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
कर्मचारी नेताओं ने कहा कि 13 मई को चंडीगढ़ में सरकार के साथ हुई वार्ता में 22 सूत्रीय मांगपत्र पर सहमति बनी थी। सरकार ने स्वीकृत मांगों के पत्र 30 जून तक जारी करने और उन पर तत्काल कार्रवाई का आश्वासन दिया था। आरोप है कि समय बीतने के बावजूद समझौते को लागू नहीं किया गया। इससे कर्मचारियों में रोष बढ़ रहा है।
कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की मांग
कर्मचारियों ने पालिका रोल और दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को नियमित करने की प्रक्रिया जल्द शुरू करने की मांग की। इसके अलावा सफाई कर्मचारियों और सीवरमैनों को जोखिम भत्ता देने, न्यूनतम वेतन बढ़ाने और एक मई से 14 मई तक चली हड़ताल अवधि का वेतन जारी करने की मांग भी उठाई।
छंटनी किए कर्मचारियों की बहाली और केस वापस लेने की मांग
संघ नेताओं ने छंटनी किए गए कर्मचारियों को दोबारा ड्यूटी पर लेने और कर्मचारियों पर दर्ज कथित झूठे आपराधिक मामलों को वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के खिलाफ दमनकारी नीतियां बंद की जानी चाहिए।
ठेका प्रथा खत्म कर विभाग के रोल पर लाने की मांग
कर्मचारियों ने डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने और ऑपरेशनल मेंटेनेंस के ठेकों को समाप्त कर कर्मचारियों को विभाग के रोल पर लेने की मांग की। उनका कहना है कि ठेका प्रथा से कर्मचारियों के हित प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने सरकार से समझौते की शर्तों को जल्द लागू करने की मांग की।