चंडीगढ़। पंजाब में सूक्ष्म, लघु और मध्यम औद्योगिक इकाइयां (एमएसएमई) सूबे में करीब 770 करोड़ का निवेश करेंगी। इनमें संबंधित उद्योगों की विस्तार योजनाएं भी शामिल हैं। यह घोषणा शुक्रवार को उद्योग भवन में उद्योग एवं वाणिज्य व निवेश प्रोत्साहन मंत्री संजीव अरोड़ा ने एमएसएमई के उद्योगपतियों की बैठक के दौरान की।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने एमएसएमई को सशक्त बनाने के लिए किए जा रहे उपायों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इसके अंतर्गत सुदृढ़ नीतिगत समर्थन, सरल एवं समयबद्ध नियामक प्रक्रियाएं और इन्वेस्ट पंजाब के माध्यम से परियोजनाओं को त्वरित मंजूरियां और उनके सुचारु क्रियान्वयन में सहायता सुनिश्चित की जा रही है। एमएसएमई पंजाब की औद्योगिक अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, जो रोजगार सृजन, नवाचार और संतुलित क्षेत्रीय विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
मंत्री ने निरंतर संवाद, समय पर सुविधाएं और उद्योग-पक्षीय सुधारों के माध्यम से एमएसएमई के साथ मिलकर काम करने के राज्य सरकार के संकल्प को दोहराया ताकि पंजाब उद्यम और निवेश के लिए एक पसंदीदा गंतव्य बना रहे।
इस दौरान भागीदार कंपनियों के प्रतिनिधियों ने राज्य सरकार से जुड़ने के बाद अपने सकारात्मक अनुभव साझा किए और अब तक प्रदान की गई सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने पंजाब में अपने भावी निवेश और विस्तार योजनाओं के बारे में भी अवगत कराया।
इन कंपनियों ने ऑटो कंपोनेंट्स, लॉजिस्टिक्स एवं वेयरहाउसिंग, कोल्ड चेन एवं कृषि-आधारभूत संरचना व नवीकरणीय ऊर्जा निर्माण जैसे प्रमुख क्षेत्रों में करोड़ों रुपये से अधिक के प्रस्तावित निवेश की जानकारी दी।
इन कंपनियों से मिले निवेश प्रस्ताव
जय पार्वती फोर्ज (ऑटो कंपोनेंट्स), मोहाली ने 300 करोड़, कोवा फास्टनर्स प्राइवेट लिमिटेड (ऑटो कंपोनेंट्स/फास्टनर), लुधियाना ने 50 करोड़, लूथरा कोल्ड स्टोरेज (कोल्ड चेन/एग्री लॉजिस्टिक्स), लुधियाना ने 10 से 12 करोड़, मोहाली लॉजिस्टिक्स (वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स) ने 10 करोड़, रोशनी रिन्यूएबल्स एलएलपी (नवीकरणीय ऊर्जा सोलर मैन्युफैक्चरिंग), फतेहगढ़ साहिब ने पहले चरण में 100 करोड़ व आगामी चरणों में 300 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव दिए।